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जिला पंचायत के सभी 15 टेंडर फार्म सील
Updated Sat, 17 Nov 2018 01:47 AM IST
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वाराणसी। जिला पंचायत कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया में घपला सामने आने के बाद सभी 15 टेंडर फार्म सील कर दिए गए हैं। निविदा प्रक्रिया में शामिल हुई तीन जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा घपला करने वालों को जिला प्रशासन चार्जशीट भी देने की तैयारी में है। टेंडर प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। मामले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सोगरवाल ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
गुरुवार को टेंडर की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जिला पंचायत में फार्म भरने और बॉक्स में डाले गए थे। मौके पर मौजूद जिला पंचायत सदस्यों और ठेकेदारों के विरोध के बाद कचहरी चौकी प्रभारी ने जिला पंचायत कार्यालय में तैनात संविदा कर्मियों के साथ-साथ जिला पंचायत में जिम्मेदार पदों पर कार्यरत लोगों के नजदीकी रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
शुक्रवार को बॉक्स में डाले गए सभी 15 टेंडर फार्म सील कर दिए गए। टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाली तीन फर्मों को चिन्हित कर उन्हें जांच के दायरे में रखा गया है। उधर, जिला पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को दिन भर एक अधिकारी के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराने की चर्चा चलती रही लेकिन अपर मुख्य अधिकारी के अवकाश पर होने और प्रभावशालियों के संरक्षण के कारण अफसरों को पीछे हटना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों ने समय सीमा के बाद जबरन टेंडर फॉर्म बॉक्स में डलवाने के मामले में कचहरी चौकी प्रभारी से रिपोर्ट तलब की गई थी।
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इस्तीफा देने की सोच रहे जिपं के कई सदस्य
जिला पंचायत कार्यालय में ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया में हुई घपलेबाजी में भाजपा और अपना दल (एस) के डेढ़ दर्जन जिला पंचायत सदस्य शनिवार को शहर में आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। कार्रवाई न होने की स्थिति में कुछ पंचायत सदस्य इस्तीफा देने पर भी विचार कर रहे हैं।
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गुरुवार को टेंडर की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जिला पंचायत में फार्म भरने और बॉक्स में डाले गए थे। मौके पर मौजूद जिला पंचायत सदस्यों और ठेकेदारों के विरोध के बाद कचहरी चौकी प्रभारी ने जिला पंचायत कार्यालय में तैनात संविदा कर्मियों के साथ-साथ जिला पंचायत में जिम्मेदार पदों पर कार्यरत लोगों के नजदीकी रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
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शुक्रवार को बॉक्स में डाले गए सभी 15 टेंडर फार्म सील कर दिए गए। टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाली तीन फर्मों को चिन्हित कर उन्हें जांच के दायरे में रखा गया है। उधर, जिला पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को दिन भर एक अधिकारी के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराने की चर्चा चलती रही लेकिन अपर मुख्य अधिकारी के अवकाश पर होने और प्रभावशालियों के संरक्षण के कारण अफसरों को पीछे हटना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों ने समय सीमा के बाद जबरन टेंडर फॉर्म बॉक्स में डलवाने के मामले में कचहरी चौकी प्रभारी से रिपोर्ट तलब की गई थी।
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इस्तीफा देने की सोच रहे जिपं के कई सदस्य
जिला पंचायत कार्यालय में ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया में हुई घपलेबाजी में भाजपा और अपना दल (एस) के डेढ़ दर्जन जिला पंचायत सदस्य शनिवार को शहर में आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। कार्रवाई न होने की स्थिति में कुछ पंचायत सदस्य इस्तीफा देने पर भी विचार कर रहे हैं।