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संस्कृत विश्वविद्यालय से आचार्य उपाधि वाले भी देंगे इंटरव्यू
Updated Tue, 15 May 2018 02:36 AM IST
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वाराणसी। संस्कृत विश्वविद्यालयों से आचार्य उपाधि वाले अभ्यर्थियों को अशासकीय कॉलेजों में संस्कृत विषय के लिए चल रही असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के इंटरव्यू में शामिल किया जाएगा। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सोमवार को हुई बैठक में ऐसे अभ्यर्थियों को एमए संस्कृत विषय के समकक्ष मानते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए अर्ह माने जाने का निर्णय लिया। निर्णय की सूचना मिलते ही छात्रों ने इसे संघर्ष की जीत बताते हुए स्वागत किया है।
इससे पूर्व आयोग ने नियम लागू किया था कि संस्कृत विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए संस्कृत में एमए अनिवार्य है जबकि बहुत से अभ्यर्थियों ने संस्कृत में एमए की जगह संस्कृत विश्वविद्यालयों से आचार्य की उपाधि ले रखी थी। अब इन्हें इंटरव्यू में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार ऐसे अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस और ईमेल आईडी पर सूचना प्रेषित की जाएगी। आयोग के इस आदेश पर संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था और आयोग का पुतला भी फूंका था। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे ने उच्चतर शिक्षा आयोग में इस मामले में अपना पक्ष रखा था और इस मामले पर विचार करने की बात कही थी।
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इससे पूर्व आयोग ने नियम लागू किया था कि संस्कृत विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए संस्कृत में एमए अनिवार्य है जबकि बहुत से अभ्यर्थियों ने संस्कृत में एमए की जगह संस्कृत विश्वविद्यालयों से आचार्य की उपाधि ले रखी थी। अब इन्हें इंटरव्यू में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार ऐसे अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस और ईमेल आईडी पर सूचना प्रेषित की जाएगी। आयोग के इस आदेश पर संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था और आयोग का पुतला भी फूंका था। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे ने उच्चतर शिक्षा आयोग में इस मामले में अपना पक्ष रखा था और इस मामले पर विचार करने की बात कही थी।
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