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‘रेड चिली’ से करते थे ई-टिकट की कालाबाजारी 0
Updated Fri, 04 May 2018 01:48 AM IST
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वाराणसी। फूलपुर थाना क्षेत्र के सिंधोरा बाजार में रेलवेके ई-टिकट की कालाबाजारी का भंडाफोड़ होने के बाद कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। ई-टिकट की कालाबाजारी में शामिल दलाल ‘रेड चिली’ नामक साफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। यह साफ्टवेयर तत्काल हो या सामान्य आरक्षित टिकट, आम एप की तुलना में पहले बुक कर लेता था। वहीं, इसके चलते दूसरे एप हैंग करने लगते थे। मामले की जांच में जुटी क्राइम इंटेलीजेंस ब्रांच (सीआईबी) के अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और अभी कई नए खुलासे होने की संभावना है।
आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने मंगलवार को सिंधोरा बाजार से बड़ी मात्रा में ई-टिकटों के साथ दलाल को गिरफ्तार कर एक बड़े रैकेट का खुलासा किया था। इससे पहले 15 अप्रैल को आजमगढ़ के मेहनाजपुर से आईआरसीटीसी की फर्जी आईडी से ई-टिकट निकाल रहे जगन्नाथ और रोहित को 178 ई-टिकटों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ के आधार पर ही आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम सिंधोरा बाजार पहुंची। सिंधोरा बाजार में साइबर कैफे पर छापे के दौरान पकड़े गए राजापुर निवासी सर्वेश मौर्य के पास से 163 ई-टिकट बरामद किए गए। सीआईबी इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने बताया कि रेड चिली नामक सॉफ्टवेयर के जरिए यह सारा खेल चल रहा था। यह साफ्टवेयर आईआरसीटीसी की बेवसाइट ही हैक कर देता था। मामले की छानबीन में जल्द ही कुछ और खुलासे हो सकते हैं।
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आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने मंगलवार को सिंधोरा बाजार से बड़ी मात्रा में ई-टिकटों के साथ दलाल को गिरफ्तार कर एक बड़े रैकेट का खुलासा किया था। इससे पहले 15 अप्रैल को आजमगढ़ के मेहनाजपुर से आईआरसीटीसी की फर्जी आईडी से ई-टिकट निकाल रहे जगन्नाथ और रोहित को 178 ई-टिकटों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ के आधार पर ही आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम सिंधोरा बाजार पहुंची। सिंधोरा बाजार में साइबर कैफे पर छापे के दौरान पकड़े गए राजापुर निवासी सर्वेश मौर्य के पास से 163 ई-टिकट बरामद किए गए। सीआईबी इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने बताया कि रेड चिली नामक सॉफ्टवेयर के जरिए यह सारा खेल चल रहा था। यह साफ्टवेयर आईआरसीटीसी की बेवसाइट ही हैक कर देता था। मामले की छानबीन में जल्द ही कुछ और खुलासे हो सकते हैं।
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