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मान महल का भी मान न रखा
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:52 AM IST
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वाराणसी। मान महल के सुंदरीकरण का काम कई महीने से अटका है। वजह है रास्ते में अतिक्रमण। इस वजह से निर्माण सामग्री मान महल तक नहीं पहुंच पा रही है। पुरातत्व विभाग ने कई बार अतिक्रमण की शिकायत की। प्रशासन को कई पत्र लिखे। तीन बार रिमांइडर भी भेजा मगर प्रशासन ने अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया।
मान महल में वर्चुअल म्यूजियम बनकर तैयार है। मगर अतिक्रमण की वजह से इसके प्रवेशद्वार का काम और सुंदरीकरण का काम नहीं हो पा रहा। मान महल की ओर आने वाले रास्ते पर अवैध दुकाने चल रही हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दिशा सूचक भी बनाए जाने हैं। मगर निर्माण सामग्री लाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में निर्माण अधूरा है। अगर अतिक्रमण हट गया होता तो पिछले माह ही इस म्यूजियम का उद्घाटन हो गया होता। इस वर्चुअल म्यूजियम में काशी की कला, धर्म-संस्कृति को बताने के लिए प्रोजेक्टर लगाए गए हैं।
काशी के बारे में बताएगा वर्चुअल म्यूजियम
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की ओर से मान महल में वेधशाला के नीचे बने भवन के हाल और तीन कमरों में यह संग्रहालय बनाया गया है। इसमें कुल 12 प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। इनमें से छह हाल में लगे हैं। भवन की दीवारों को इस तरह से तैयार किया गया है ताकि प्रोजेक्टर के माध्यम से उन पर काशी की धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को दिखाया जा सके। म्यूजियम में काशी के घाट, मंदिर, गलियां, राम नगर की रामलीला, नाटी इमली का भरत मिलाप, तुलसी घाट की नाग नथैया, साड़ी बुनने की कला, काष्ठ कला और गंगा आरती को भी दर्शाया जाएगा। प्रवेश द्वार पर भगवान शंकर की प्रतिमा होगी, जहां घंटी बजाते ही भगवान पर पुष्पवर्षा होगी।
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मान महल में वर्चुअल म्यूजियम बनकर तैयार है। मगर अतिक्रमण की वजह से इसके प्रवेशद्वार का काम और सुंदरीकरण का काम नहीं हो पा रहा। मान महल की ओर आने वाले रास्ते पर अवैध दुकाने चल रही हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दिशा सूचक भी बनाए जाने हैं। मगर निर्माण सामग्री लाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में निर्माण अधूरा है। अगर अतिक्रमण हट गया होता तो पिछले माह ही इस म्यूजियम का उद्घाटन हो गया होता। इस वर्चुअल म्यूजियम में काशी की कला, धर्म-संस्कृति को बताने के लिए प्रोजेक्टर लगाए गए हैं।
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काशी के बारे में बताएगा वर्चुअल म्यूजियम
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की ओर से मान महल में वेधशाला के नीचे बने भवन के हाल और तीन कमरों में यह संग्रहालय बनाया गया है। इसमें कुल 12 प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। इनमें से छह हाल में लगे हैं। भवन की दीवारों को इस तरह से तैयार किया गया है ताकि प्रोजेक्टर के माध्यम से उन पर काशी की धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को दिखाया जा सके। म्यूजियम में काशी के घाट, मंदिर, गलियां, राम नगर की रामलीला, नाटी इमली का भरत मिलाप, तुलसी घाट की नाग नथैया, साड़ी बुनने की कला, काष्ठ कला और गंगा आरती को भी दर्शाया जाएगा। प्रवेश द्वार पर भगवान शंकर की प्रतिमा होगी, जहां घंटी बजाते ही भगवान पर पुष्पवर्षा होगी।
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