विज्ञापन

गंगा में नहीं आ सकेगी बाहरी नाव

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 09 Dec 2018 01:51 AM IST
ख़बर सुनें
वाराणसी। प्रवासी भारतीय दिवस के समय कोई भी बाहरी नाव काशी में प्रवेश नहीं कर सकेगी। स्थानीय नावों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां तैयारी कर रही हैं। गंगा में चलने वाली सभी नावों का डाटा एकत्र किया जा रहा है, ताकि उनकी कोडिंग कर दी जाए और किसी भी घटना के समय नावों को पकड़ा जा सके। वहीं घाटों पर चेकिंग भी शुरू हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
21 से 23 जनवरी तक प्रवासी भारतीय सम्मेलन होना है। सुरक्षा के लिए जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने लगतार चेकिंग शुरू कर दी है। इसमें घाटों के अलावा घाट किनारे स्थित होटल, धर्मशाला और पेईंग गेस्ट में आने वाले श्रद्धालुओं की भी जांच की जा रही है। साथ ही नावों की चेकिंग के अलावा उनका पूरा विवरण तैयार किया जा रहा है। किस घाट से कौन सी नाव चल रही है और उसक मालिक कौन है। इसकी जानकारी ली जा रही है।
इसलिए हो रही तैयारी
प्रशासन और सुरक्षा एजेेंसियां सभी नावों की कोडिंग करके हर नाव को एक नंबर देंगी। अगर कोई घटना-दुर्घटना घटेगी तो उस नंबर से नाव के मालिक का पता लगाया जा सकेगा। वहीं कोड होने पर बाहर से आने वाली नावों को भी आसानी से ट्रैस किया जा सकेगा।
गंगा में चल रही करीब एक हजार छोटी बड़ी नाव
गंगा में इस समय छोटी, बड़ी नावें, बजड़ा, क्रूज, मोटर बोट, स्पीड बोट के अलावा शव वाहिनी, एनडीआरएफ, जल पुलिस, नगर निगम की मिलाकर करीब एक हजार नावें चल रही हैं। इनमें से 70 प्रतिशत नावें ही संचालित होती हैं, जबकि बाकी की नावें कभी कभी ही चलती हैं। इसलिए इन नावों की लिस्टिंग की जा रही है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Varanasi

बेटे की मौत के सदमे से बीमार पिता की मौत, पट्टीदारों से मारपीट में दोनों हुए थे घायल

सुबह बेटे का दम टूटा और दोपहर होते-होते उसकी मौत के सदमे में बीमार पिता की भी सांसें थम गईं। एक ही दिन घर के दो लोगों की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

14 दिसंबर 2018

विज्ञापन

दिव्यांग राजू की राजनीतिक दलों को खुली चुनौती

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तकवा गांव में एक दिव्यांग राजू रहते हैं। राजू पॉलिटिकल पार्टीज से काफी नाराज हैं क्योंकि कोई भी पार्टी दिव्यांगों के लिए कुछ नहीं करती और इसीलिए राजू इन पॉलिटिकल पार्टीज को चुनौती देने के मूड में हैं।

15 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree