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सात दिन से घर में रखा था शव
Updated Wed, 14 Nov 2018 01:55 AM IST
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वाराणसी। मुंशी घाट निवासी तरुण कांति बसु (65) की मौत के बाद सात दिन तक उनके शव को पत्नी सुचित्रा और उनकी बड़ी बहन सुनंदा घर पर ही रखे हुई थीं। मंगलवार को दशाश्वमेध पुलिस को मिली तरुण कांति बसु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ। हालांकि तरुण कांति की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
दशाश्वमेध थाना अंतर्गत मुंशी घाट मोहल्ला निवासी लोेगों की भीषण दुर्गंध की शिकायत पर रविवार को तरुण कांति के घर में घुसी। पुलिस ने देखा कि तरुण कांति के शव पर चादर डाल कर उनकी पत्नी और साली बैठी हुई थी। समीप ही तीन बंदर मरे पड़े थे और घर में कुत्ते, बिल्ली, बंदर व चूहे घूम रहे थे। सोमवार को तरुण कांति के शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने एक एनजीओ की मदद से उनका दाह संस्कार कराया। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार पोस्टमार्टम होने से लगभग सात दिन पहले तरुण कांति की मौत हुई थी। मौत किस वजह सेे हुई, यह विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। उधर, अवसाद ग्रस्त सुचित्रा और सुनंदा दोनों बहनें घर पर ही हैं। उनके घंर पर न तो कोई रिश्तेदार आए और न कोई करीबी आता-जाता दिखा। पुलिस, प्रशासन और गैर सरकारी संगठनों के स्तर से भी दोनों बहनों की सुधि नहीं ली जा सकी है।
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दशाश्वमेध थाना अंतर्गत मुंशी घाट मोहल्ला निवासी लोेगों की भीषण दुर्गंध की शिकायत पर रविवार को तरुण कांति के घर में घुसी। पुलिस ने देखा कि तरुण कांति के शव पर चादर डाल कर उनकी पत्नी और साली बैठी हुई थी। समीप ही तीन बंदर मरे पड़े थे और घर में कुत्ते, बिल्ली, बंदर व चूहे घूम रहे थे। सोमवार को तरुण कांति के शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने एक एनजीओ की मदद से उनका दाह संस्कार कराया। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार पोस्टमार्टम होने से लगभग सात दिन पहले तरुण कांति की मौत हुई थी। मौत किस वजह सेे हुई, यह विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। उधर, अवसाद ग्रस्त सुचित्रा और सुनंदा दोनों बहनें घर पर ही हैं। उनके घंर पर न तो कोई रिश्तेदार आए और न कोई करीबी आता-जाता दिखा। पुलिस, प्रशासन और गैर सरकारी संगठनों के स्तर से भी दोनों बहनों की सुधि नहीं ली जा सकी है।
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