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रामनगर की रामलीला में प्रभु राम का राज्याभिषेक
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:37 AM IST
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रामनगर। पहले मुनि वसिष्ठजी ने तिलक किया। फिर उन्होंने सब ऐसा करने को आज्ञा दी। तीनों लोकों के स्वामी प्रभु राम को सिंहासन पर विराजित देखकर देवताओं ने नगाड़े बजाए और पुष्पवर्षा की।
रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला में सोमवार को प्रभु राम के राज्याभिषेक की लीला हुई। काशी राज परिवार के अनंत नारायण सिंह ने भी श्रीराम का तिलक किया। प्रभु राम के राजा बनते ही अवधपुरी में हर्ष छा गया। श्रद्धालु जय जयकार करने लगे। तीनों माताएं प्रसन्न होकर ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देती हैं। महादेव दरबार में आकर राजतिलक की महिमा का गुणगान कर कैलाश पर्वत पर चले जाते हैं। प्रभु राम युद्धकाल के अपने सभी मित्रों को बुलाकर उनकी प्रशंसा करते हैं और उन्हें अपने परिजनों के पास घर लौटने को कहते हैं। उन्हें वस्त्र, आभूषण तथा अन्य उपहार देकर विदाई करते हैं। अंगद जाना नहीं चाहते तो प्रभु उन्हें समझाते हैं। सभी मित्रों की विदाई के बाद राम पत्नी और भाइयों समेत पूरी रात लीला प्रेमियों को दर्शन देते रहे। मंगलवार सुबह आरती के साथ लीला को विश्राम दिया जाएगा।
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रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला में सोमवार को प्रभु राम के राज्याभिषेक की लीला हुई। काशी राज परिवार के अनंत नारायण सिंह ने भी श्रीराम का तिलक किया। प्रभु राम के राजा बनते ही अवधपुरी में हर्ष छा गया। श्रद्धालु जय जयकार करने लगे। तीनों माताएं प्रसन्न होकर ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देती हैं। महादेव दरबार में आकर राजतिलक की महिमा का गुणगान कर कैलाश पर्वत पर चले जाते हैं। प्रभु राम युद्धकाल के अपने सभी मित्रों को बुलाकर उनकी प्रशंसा करते हैं और उन्हें अपने परिजनों के पास घर लौटने को कहते हैं। उन्हें वस्त्र, आभूषण तथा अन्य उपहार देकर विदाई करते हैं। अंगद जाना नहीं चाहते तो प्रभु उन्हें समझाते हैं। सभी मित्रों की विदाई के बाद राम पत्नी और भाइयों समेत पूरी रात लीला प्रेमियों को दर्शन देते रहे। मंगलवार सुबह आरती के साथ लीला को विश्राम दिया जाएगा।
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