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फोर्स के अभाव में पूरा नहीं हो पाया सर्वे का काम
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। दालमंडी में बने अवैध निर्माणों का खुलासा होने और सुर्खियों में आने के बाद पुलिस-प्रशासनिक जांच के साथ ही वीडीए की ओर से भी छह सदस्यीय गठित टीम सर्वे का काम कर रही थी। टीम को शनिवार को ही वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार को जांच सौंपनी थी लेकिन सर्वे का काम पूरा ही नहीं हो पाया। वजह, टीम अवैध निर्माण का सर्वे करने तो पहुंची लेकिन फोर्स नहीं मिलने के कारण बैरंग लौट आई।
वीडीए की गठित टीम दशाश्वमेध और कोतवाली जोन के चौक, दालमंडी, हड़हा सहित पक्के महाल में बन रहे अवैध निर्माणों का सर्वे कर रही है। टीम गठन के बाद गुरुवार को ही सर्वे हो पाया है। शुक्रवार को भी टीम चौक थाने गई लेकिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की बात कहकर फोर्स उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। पहले दिन 18 भवनों को चिह्नित किया जा चुका है, जो वीडीए के बिना एप्रुवल और नक्शे के बन रही है। वीडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है कि फोर्स न मिलने के कारण सर्वे का काम पूरा नहीं हो सका है। दो दिन में सर्वे कर टीम से रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
अवैध निर्माण को ढहाने की तैयारी में जुटा वीडीए
वाराणसी। दालमंडी में अवैध ढंग से बने बेसमेंट और निर्माणों को ढहाने की तैयारी में विकास प्राधिकरण जुट गया है। अफसरों के आपसी खींचतान के बाद वीडीए के अधिकारी उसे कैसे और कब ढहाने की कार्रवाई शुरू हो इस पर मंथन कर रहे हैं। दरअसल, वहां काफी सघन इलाका होने के कारण बने बेसमेंट को ढहाना आसान नहीं है।
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दालमंडी में नौ हजार वर्ग फीट में बने बेसमेंट को ढहाने केलिए वहां तक पैदल जाना मुश्किल है, जेसीबी या अन्य कोई दूसरी मशीन तो पहुंचना दूर है। ऐसे में वीडीए मजदूरों से उसे ढहाने पर विचार कर रहा है। यह भी तैयारी है कि उसे ठेके पर दे दिया जाए। कारण कि वीडीए के पास इतने कर्मचारी या संसाधन नहीं है कि उसे ढहा सके। कई ठेकेदारों से इस बारे में वीडीए के अधिकारियों ने संपर्क भी किया है। ताकि उसे ढहाया जा सके। दो ठेकेदारों ने उसे ढहाने के लिए हामी भी भरी है लेकिन अभी तय नहीं हुआ है कि किस ठेकेदार को काम दिया जाए। वीडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है कि अवैध मिर्नाण को ढहाने की तैयारी की जा रही है। जिला और पुलिस प्रशासन से संपर्क कर इसे जल्द तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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वीडीए की गठित टीम दशाश्वमेध और कोतवाली जोन के चौक, दालमंडी, हड़हा सहित पक्के महाल में बन रहे अवैध निर्माणों का सर्वे कर रही है। टीम गठन के बाद गुरुवार को ही सर्वे हो पाया है। शुक्रवार को भी टीम चौक थाने गई लेकिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की बात कहकर फोर्स उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। पहले दिन 18 भवनों को चिह्नित किया जा चुका है, जो वीडीए के बिना एप्रुवल और नक्शे के बन रही है। वीडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है कि फोर्स न मिलने के कारण सर्वे का काम पूरा नहीं हो सका है। दो दिन में सर्वे कर टीम से रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
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अवैध निर्माण को ढहाने की तैयारी में जुटा वीडीए
वाराणसी। दालमंडी में अवैध ढंग से बने बेसमेंट और निर्माणों को ढहाने की तैयारी में विकास प्राधिकरण जुट गया है। अफसरों के आपसी खींचतान के बाद वीडीए के अधिकारी उसे कैसे और कब ढहाने की कार्रवाई शुरू हो इस पर मंथन कर रहे हैं। दरअसल, वहां काफी सघन इलाका होने के कारण बने बेसमेंट को ढहाना आसान नहीं है।
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दालमंडी में नौ हजार वर्ग फीट में बने बेसमेंट को ढहाने केलिए वहां तक पैदल जाना मुश्किल है, जेसीबी या अन्य कोई दूसरी मशीन तो पहुंचना दूर है। ऐसे में वीडीए मजदूरों से उसे ढहाने पर विचार कर रहा है। यह भी तैयारी है कि उसे ठेके पर दे दिया जाए। कारण कि वीडीए के पास इतने कर्मचारी या संसाधन नहीं है कि उसे ढहा सके। कई ठेकेदारों से इस बारे में वीडीए के अधिकारियों ने संपर्क भी किया है। ताकि उसे ढहाया जा सके। दो ठेकेदारों ने उसे ढहाने के लिए हामी भी भरी है लेकिन अभी तय नहीं हुआ है कि किस ठेकेदार को काम दिया जाए। वीडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है कि अवैध मिर्नाण को ढहाने की तैयारी की जा रही है। जिला और पुलिस प्रशासन से संपर्क कर इसे जल्द तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।