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पर्यावरण संरक्षण को एकजुट हुए धर्मगुरु
Updated Thu, 18 Jan 2018 02:29 AM IST
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वाराणसी। वायु प्रदूषण और सौर ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को सिगरा स्थित अस्मिता चाइल्ड लाइन में अंतर धार्मिक संवाद का आयोजन किया गया। ‘सौर ऊर्जा संरक्षण, वायु प्रदूषण का समाधान’ विषय पर आयोजित इस संवाद में सभी धर्म के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने शत प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान के शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया और दूसरों को भी प्रेरित करने की शपथ ली।
संवाद में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. सुधाकर मिश्र, मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मौलाना हारून रशीद नक्शबंदी, फादर पी विक्टर, गुरुद्वारा नीचीबाग के ग्रंथी अमनप्रीत सिंह, जैन धर्मगुरु डॉ. कमलेश कुमार जैन, आर्य समाज मंदिर के प्रमोद कुमार आर्य, कबीर मठ के देवेंद्र दास, महाबोधि सोसाइटी के सचिव सिलवंश थेरो ने हिस्सा लिया और वायु प्रदूषण की समस्या पर चर्चा की और उसके समाधान सुझाए। समाधान के तौर पर ज्यादा से ज्यादा सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। वायु प्रदूषण पर कार्य कर रही एकता शेखर ने बताया कि अगर हम सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेंगे, तभी साल 2022 तक 10,700 मेगावाट बिजली की बचत का लक्ष्य पूरा कर सकेंगे। इसमें सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। अभियानकर्ता सानिया अनवर ने संचालन व धन्यवाद ज्ञापन किया। इसमें द क्लाइमेट एजेंडा, भू सेवा जल सेवा अभियान और सर्वोदय विकास समिति ने सहयोग दिया।
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संवाद में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. सुधाकर मिश्र, मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मौलाना हारून रशीद नक्शबंदी, फादर पी विक्टर, गुरुद्वारा नीचीबाग के ग्रंथी अमनप्रीत सिंह, जैन धर्मगुरु डॉ. कमलेश कुमार जैन, आर्य समाज मंदिर के प्रमोद कुमार आर्य, कबीर मठ के देवेंद्र दास, महाबोधि सोसाइटी के सचिव सिलवंश थेरो ने हिस्सा लिया और वायु प्रदूषण की समस्या पर चर्चा की और उसके समाधान सुझाए। समाधान के तौर पर ज्यादा से ज्यादा सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। वायु प्रदूषण पर कार्य कर रही एकता शेखर ने बताया कि अगर हम सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेंगे, तभी साल 2022 तक 10,700 मेगावाट बिजली की बचत का लक्ष्य पूरा कर सकेंगे। इसमें सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। अभियानकर्ता सानिया अनवर ने संचालन व धन्यवाद ज्ञापन किया। इसमें द क्लाइमेट एजेंडा, भू सेवा जल सेवा अभियान और सर्वोदय विकास समिति ने सहयोग दिया।
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