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जाम में हवा हुए इंतजाम के दावे
Updated Tue, 05 Dec 2017 02:05 AM IST
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वाराणसी। सूबे के राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी की चेतावनी का शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर सोमवार को दूसरे दिन भी कहीं कोई असर नहीं दिखा। अलग-अलग हिस्सों में राहगीर घंटों जाम से जूझते रहे। न संबंधित थानों की पुलिस ने कुछ खास सक्रियता दिखाई न ही यातायात पुलिस की ओर से ही ट्रैफिक प्रबंधन जैसा कुछ दिखा। घंटे-दो घंटे बाद कहीं थानों की पुलिस पहुंची भी तो जाम खत्म कराने में लंबा समय लगा। हालांकि, राज्य मंत्री की चेतावनी के अनुसार जिन भी इलाकों में जाम लगा, वहां से संबंधित थानेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई उच्चाधिकारियोें के स्तर से नहीं की गई।
सुबह साढ़े दस बजे तक शहर की प्रमुख सड़काें पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। मंडुवाडीह चौराहा से मंडुवाडीह थाने तक, बौलिया तिराहा, लहरतारा कैंसर अस्पताल से कैंट रेलवे स्टेशन तक, अंधरापुल, पांडेयपुर चौराहा, अर्दली बाजार, लंका चौराहा, सुंदरपुर चौराहा, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, फातमान, नई सड़क, गोदौलिया, चौक, मैदागिन, मलदहिया, लोहा मंडी सहित अन्य स्थानों में रुक-रुक कर जाम लगने का सिलसिला सुबह से देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान एंबुलेंस सवार मरीजों, स्कूली वाहनों में सवार बच्चों और कामकाजी लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारों का कहना है कि जब तक अतिक्रमण के खिलाफ ठोस तरीके से कार्रवाई के साथ ही पार्किंग और पटरी व्यापारियों के लिए वेंडिंग जोन की व्यवस्था नहीं होगी तब तक जाम की समस्या से निजात दिलाने की सारी बातें बेमानी होंगी। नगर निगम, वीडीए और ट्रैफिक पुलिस समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करें और फिर उसे मूर्त रूप दे तभी जाम की विकराल समस्या से शहर को निजात मिलेगी।
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सुबह साढ़े दस बजे तक शहर की प्रमुख सड़काें पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। मंडुवाडीह चौराहा से मंडुवाडीह थाने तक, बौलिया तिराहा, लहरतारा कैंसर अस्पताल से कैंट रेलवे स्टेशन तक, अंधरापुल, पांडेयपुर चौराहा, अर्दली बाजार, लंका चौराहा, सुंदरपुर चौराहा, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, फातमान, नई सड़क, गोदौलिया, चौक, मैदागिन, मलदहिया, लोहा मंडी सहित अन्य स्थानों में रुक-रुक कर जाम लगने का सिलसिला सुबह से देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान एंबुलेंस सवार मरीजों, स्कूली वाहनों में सवार बच्चों और कामकाजी लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारों का कहना है कि जब तक अतिक्रमण के खिलाफ ठोस तरीके से कार्रवाई के साथ ही पार्किंग और पटरी व्यापारियों के लिए वेंडिंग जोन की व्यवस्था नहीं होगी तब तक जाम की समस्या से निजात दिलाने की सारी बातें बेमानी होंगी। नगर निगम, वीडीए और ट्रैफिक पुलिस समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करें और फिर उसे मूर्त रूप दे तभी जाम की विकराल समस्या से शहर को निजात मिलेगी।
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