{"_id":"5a24604c4f1c1bf4688bf26f","slug":"131512333388-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजलिसों से याद किए मौलाना अली जव्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजलिसों से याद किए मौलाना अली जव्वाद
Updated Mon, 04 Dec 2017 02:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। जाने माने आलिमेदीन शिक्षाविद इस्लामी तालिम के माहिर मौलाना अली जव्वाद साहब की 99वीं बरसी पर रविवार को प्रहलादघाट स्थित जव्वादिया अरबी कॉलेज में मजलिस का आयोजन किया गया। इस दौरान शायरों ने कलाम पेश किया।
मौलाना शमीमुल हसन के संयोजन में होने वाली मजलिस को इरान से आए मौलाना वलीवुल हसन रिजवी ने खिताब करते हुए कहा कि जो लोग दूसरों तक इल्म की दौलत पहुंचाते हैं और अपने किरदार से सच बोलने और इमान पर चलने का पैगाम देते हैं वह दुनिया में न होते हुए भी दुनिया में मौजूद रहते हैं। मजलिस का आगाज पवित्र कुरान की तिलावत से हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने कुरानख्वानी की। शायरों में दिलकश गाजीपुरी, तौहीद सुल्तानपुरी, नकी बनारसी ने कलाम भी पेश किए। मौलाना जमीरुल हसन और मौलाना नदीम असगर ने लोगों का शुक्रिया अदा किया। दूसरी ओर पत्थरगलिया स्थित स्व. साबिरहसन के निवास पर राष्ट्रीय फुटबालर रईस हसन की माता के 40वें की मजलिस को मौलाना अकील हुसैनी ने खिताब किया। शाद शिवानी और मजहर चंदौलवी ने कलाम पेश किए। अंजुमन हैदरी की ओर से अंसार बनारसी ने नौहा पेश किया।
विज्ञापन
मौलाना शमीमुल हसन के संयोजन में होने वाली मजलिस को इरान से आए मौलाना वलीवुल हसन रिजवी ने खिताब करते हुए कहा कि जो लोग दूसरों तक इल्म की दौलत पहुंचाते हैं और अपने किरदार से सच बोलने और इमान पर चलने का पैगाम देते हैं वह दुनिया में न होते हुए भी दुनिया में मौजूद रहते हैं। मजलिस का आगाज पवित्र कुरान की तिलावत से हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने कुरानख्वानी की। शायरों में दिलकश गाजीपुरी, तौहीद सुल्तानपुरी, नकी बनारसी ने कलाम भी पेश किए। मौलाना जमीरुल हसन और मौलाना नदीम असगर ने लोगों का शुक्रिया अदा किया। दूसरी ओर पत्थरगलिया स्थित स्व. साबिरहसन के निवास पर राष्ट्रीय फुटबालर रईस हसन की माता के 40वें की मजलिस को मौलाना अकील हुसैनी ने खिताब किया। शाद शिवानी और मजहर चंदौलवी ने कलाम पेश किए। अंजुमन हैदरी की ओर से अंसार बनारसी ने नौहा पेश किया।
विज्ञापन