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लाइट घोटाले में तीन वीडीओ पर मुकदमा
Updated Tue, 22 Aug 2017 02:19 AM IST
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सेवापुरी/दानपुर। जिला पंचायत राज अधिकारी एसएस सिंह के निर्देश पर सोमवार को सेवापुरी के एडीओ पंचायत रतन कुमार ने जंसा थाने में बडौरा के ग्राम पंचायत अधिकारी विजय चंद्र विश्वकर्मा, बेसहुपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्रबली राम एवं मुनारी एवं पहाड़पुर के सचिव अशोक कुमार राजभर के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 409 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि बड़ौरा के ग्राम प्रधान रामचंद्र पटेल व बेसहुपुर की प्रधान श्वेता मौर्या से मिलकर गांवों में लोकल लाइट ढाई गुने से ज्यादा दाम पर लगवाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। जंसा और चोलापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
आरोपियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई से जिले एवं ब्लाक स्तर के अधिकारी बैकफु ट पर आने लगे हैं। कार्रवाई से बचने के लिए आराजी लाइन, सेवापुरीए, बड़ागांवए, काशी विद्यापीठ, पिंडरा सहित आठों ब्लाकों में लोकल एलईडी स्ट्रीट लाइट व सोलर लाइट में करोड़ों रुपयेे की घोटाला कराने वाले अधिकारी अब आपूर्तिकर्ताओं के ऊपर दबाव बनाकर उसी धन में पुन:लाइट की दोगुनी संख्या बढ़वा कर लाइट का रेट कम कर मामले में बचने का प्रयास शुरू कर दिए है।आराजी लाइन विकास खंड क्षेत्र का तो एक अधिकारी अपने ख़ासमखास लाइट आपूर्तिकर्ता से उन गाँवों में उसी धन में दुबारा लाइट लगवाने का कार्य जोरो से शुरू करवा दिया है।जंहा पहले से वह लाइट लगवाकर ढाई गुना अधिक रूपये का भुगतान करवाया था।उदाहरण स्वरूप जिन ग्राम पंचायतो में पचास लोकल लाइट लगवा कर 3500.4600 से लेकर 6000 रूपये के रेट से भुगतान करने के लिए प्रधान और सचिवो से चेक लिया था।अब उसी रूपये में अधिकारियो के दबाव में आपूर्तिकर्ता 50 लाइट और लगाकर 100 की संख्या करके लाइट का आधा रेट कर रहा है।ताकि जांच दौरान लाइट की संख्या दोगुनी हो जाए और रेट भी आधा।बिभागीय सूत्रो की माने तो कुछ जगहों पर तो दोगुनी लाइटे लग भी रही है वही अधिकाँश जगहों पर लाइट के जगह आपूर्तिकर्ताओ द्वारा फर्जी बिल प्रधानो को देकर जांच से बचने की तैयारी करने लगे है।
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आरोपियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई से जिले एवं ब्लाक स्तर के अधिकारी बैकफु ट पर आने लगे हैं। कार्रवाई से बचने के लिए आराजी लाइन, सेवापुरीए, बड़ागांवए, काशी विद्यापीठ, पिंडरा सहित आठों ब्लाकों में लोकल एलईडी स्ट्रीट लाइट व सोलर लाइट में करोड़ों रुपयेे की घोटाला कराने वाले अधिकारी अब आपूर्तिकर्ताओं के ऊपर दबाव बनाकर उसी धन में पुन:लाइट की दोगुनी संख्या बढ़वा कर लाइट का रेट कम कर मामले में बचने का प्रयास शुरू कर दिए है।आराजी लाइन विकास खंड क्षेत्र का तो एक अधिकारी अपने ख़ासमखास लाइट आपूर्तिकर्ता से उन गाँवों में उसी धन में दुबारा लाइट लगवाने का कार्य जोरो से शुरू करवा दिया है।जंहा पहले से वह लाइट लगवाकर ढाई गुना अधिक रूपये का भुगतान करवाया था।उदाहरण स्वरूप जिन ग्राम पंचायतो में पचास लोकल लाइट लगवा कर 3500.4600 से लेकर 6000 रूपये के रेट से भुगतान करने के लिए प्रधान और सचिवो से चेक लिया था।अब उसी रूपये में अधिकारियो के दबाव में आपूर्तिकर्ता 50 लाइट और लगाकर 100 की संख्या करके लाइट का आधा रेट कर रहा है।ताकि जांच दौरान लाइट की संख्या दोगुनी हो जाए और रेट भी आधा।बिभागीय सूत्रो की माने तो कुछ जगहों पर तो दोगुनी लाइटे लग भी रही है वही अधिकाँश जगहों पर लाइट के जगह आपूर्तिकर्ताओ द्वारा फर्जी बिल प्रधानो को देकर जांच से बचने की तैयारी करने लगे है।
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