फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   लेखक बनने में रिस्क तो है : अमीष

लेखक बनने में रिस्क तो है : अमीष

Sat, 19 Aug 2017 01:55 AM IST
Updated Sat, 19 Aug 2017 01:55 AM IST
विज्ञापन
लेखक बनने में रिस्क तो है : अमीष
वाराणसी। ‘शिवा ट्रायलॉजी’ की अपनी तीन शृंखलाओं से चर्चित हुए लेखक अमीष का कहना है कि लेखक बनने में रिस्क तो है। फिल्म, स्पोर्ट्स की तरह ही लेखन की भी अपनी एक अलग दुनिया है। ऐसा नहीं है कि जो इसमें किस्मत आजमाए, वो सफल ही हो। हां, ये जरूर है कि जो सफल हो जाते हैं वे अपने सपनों से ज्यादा पैसा कमा लेते हैं। एक टॉक शो के सिलसिले में काशी आए अमीष त्रिपाठी शुक्रवार को कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
विज्ञापन

बातचीत के दौरान उन्होंने लेखक के तौर पर जीवन जीने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं को सलाह दी कि लिखने से पहले आप भारत की जड़ाें से जुड़िए। जो भी लिखिए, उसे दिल से लिखिए। बातचीत के दौरान अमीष त्रिपाठी ने बताया कि 28 अगस्त को उनकी पहली नॉन फिक्शन किताब ‘इमोर्टल इंडिया’ रिलीज होने जा रही है। शिवा ट्रायलॉजी के बाद उन्होंने भगवान राम पर शृंखला शुरू की। इस सीरीज की पहली किताब ‘इक्ष्वाकु के वंशज’ राम पर आधारित थी तो दूसरी ‘सीता : वॉरियर ऑफ मिथिला’ सीता पर। जल्द ही वे रावण की नई कहानी लेकर आ रहे हैं। ‘रावण : ऑर्फन ऑफ आर्यावर्त’ में रावण के जीवन के अनछुए पहलू होंगे। उनका कहना है कि वे वेदों और पुराणों की गाथाएं काल्पनिक कहानियों के माध्यम से युवाओं के बीच लाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आज के नौजवान अपने धर्म व संस्कृति से जुड़े रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed