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गंगा की स्वच्छता के लिए मंथन
Updated Tue, 04 Jul 2017 02:23 AM IST
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वाराणसी। भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून की ओर से सोमवार को जिला विकास भवन सभागार में कार्यशाला हुई। इसमें गंगा को स्वच्छ रखने, जलीय जीवों के संरक्षण पर विमर्श किया गया। संस्थान की डॉ. रुचि बडोला ने कार्यक्रम के उद्देश्य और नीतियों के बारे में जानकारी दी।
अध्यक्षता करते हुए सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि स्थानीय समुदाय के साथ कार्य करना जरूरी है। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिरईगांव, चोलापुर तथा काशी विद्यापीठ के खंड विकास अधिकारी भी शामिल हुए। संस्थान की ओर से परिबा डोबरियाल, हेमलता, संध्या, सुनीता, अमानत तथा नरेन मौजूद रहे। दूसरी ओर सारनाथ स्थित एक होटल में वन विभाग के कर्मचारियों के लिए कार्यशाला हुई। इसमें वाराणसी, इलाहाबाद, गाजीपुर वन विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। यहां डॉ. रुचि बडोला ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत भारतीय वन्य जीव संस्थान को जैव विविधता संरक्षण और गंगा जीर्णोद्धार परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। इस दौरान डा. एसए हुसैन, डा. संगीता एंगम, कृतिश डे, वितुपन बरूआ, अनुजा मित्तल, गौरा चंद्र दास, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. अनिमेष तालुकदार, डॉ. राजीव चौहान, डॉ. विपुल मौर्या मौजूद रहे।
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अध्यक्षता करते हुए सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि स्थानीय समुदाय के साथ कार्य करना जरूरी है। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिरईगांव, चोलापुर तथा काशी विद्यापीठ के खंड विकास अधिकारी भी शामिल हुए। संस्थान की ओर से परिबा डोबरियाल, हेमलता, संध्या, सुनीता, अमानत तथा नरेन मौजूद रहे। दूसरी ओर सारनाथ स्थित एक होटल में वन विभाग के कर्मचारियों के लिए कार्यशाला हुई। इसमें वाराणसी, इलाहाबाद, गाजीपुर वन विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। यहां डॉ. रुचि बडोला ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत भारतीय वन्य जीव संस्थान को जैव विविधता संरक्षण और गंगा जीर्णोद्धार परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। इस दौरान डा. एसए हुसैन, डा. संगीता एंगम, कृतिश डे, वितुपन बरूआ, अनुजा मित्तल, गौरा चंद्र दास, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. अनिमेष तालुकदार, डॉ. राजीव चौहान, डॉ. विपुल मौर्या मौजूद रहे।
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