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127 वार्ड के उपचुनाव में फंसा पेंच
Updated Fri, 16 Jun 2017 01:07 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रशासनिक चूक कहें या लापरवाही, लेकिन भदोही ब्लॉक के 127 नंबर के वार्ड के उपचुनाव पर पेच फंस गया है। छह मई को इस्तीफे से रिक्त हुई सीट की सूचना शासन को न भेजने से यहां के चुनाव को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है, जबकि दो वार्डों में चुनाव तय हो गया है। इस्तीफा देने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव के विकास के लिए हर पांच साल पर पंचायत प्रतिनिधियों का चुनाव होता है। वर्ष 2015 में संपन्न पंचायत चुनाव में करीब 561 ग्राम प्रधान, 680 बीडीसी और सात हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे। दो साल के कार्यकाल में कुछ प्रधान, बीडीसी और ग्राम पंचायत का निधन या इस्तीफा देने से सीटें रिक्त हो गईं। भदोही ब्लॉक के कुल 148 वार्डों में वार्ड 43, वार्ड नौ और 127 रिक्त हो गए थे। इसमें 127 वार्ड के बीडीसी मोहन सिंह ने छह मई को त्यागपत्र दे दिया था। गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी और बीडीओ ने सत्यापन कराकर रिपोर्ट डीपीआरओ कार्यालय भेज दी, लेकिन उक्त वार्ड के रिक्त सीट की सूचना शासन को नहीं भेजी गई। इससे इस रिक्त वार्ड में उपचुनाव होना मुश्किल दिख रहा है। पूर्व बीडीसी मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इनसेट
राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाने वाले वार्ड से खेल
ज्ञानपुर। सत्ता परिवर्तन के बाद ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर गहमागहमी बढ़ गई है। भदोही ब्लॉक में जो तीन वार्ड रिक्त हुए हैं, उनमें वार्ड 127 सामान्य है। माना जा रहा था कि उक्त सीट से सामान्य प्रत्याशी के चुनाव लड़ने से आगे के समीकरण पर असर पड़ सकता है।
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इनसेट
रिक्त सीट की जानकारी शासन को न भेजना गंभीर विषय है। ब्लॉक और डीपीआरओ कार्यालय से जानकारी ली जाएगी। जहां से भी गड़बड़ी सामने आएगी, संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रमेश चंद्र पांडेय, सीडीओ भदोही
इनसेट
ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के रिक्त सीटों की सूचना डीपीआरओ कार्यालय आती है। वहां से पंचस्थानीय कार्यालय को जानकारी दी जाती है, जिसे शासन को भेजा जाता है। कार्यालय में रिक्त सीट से जुड़ी कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे उसे आगे नहीं भेजा जा सका।
डीएस शुक्ला, सहायक निर्वाचन अधिकारी पचंस्थानीय
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गांव के विकास के लिए हर पांच साल पर पंचायत प्रतिनिधियों का चुनाव होता है। वर्ष 2015 में संपन्न पंचायत चुनाव में करीब 561 ग्राम प्रधान, 680 बीडीसी और सात हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे। दो साल के कार्यकाल में कुछ प्रधान, बीडीसी और ग्राम पंचायत का निधन या इस्तीफा देने से सीटें रिक्त हो गईं। भदोही ब्लॉक के कुल 148 वार्डों में वार्ड 43, वार्ड नौ और 127 रिक्त हो गए थे। इसमें 127 वार्ड के बीडीसी मोहन सिंह ने छह मई को त्यागपत्र दे दिया था। गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी और बीडीओ ने सत्यापन कराकर रिपोर्ट डीपीआरओ कार्यालय भेज दी, लेकिन उक्त वार्ड के रिक्त सीट की सूचना शासन को नहीं भेजी गई। इससे इस रिक्त वार्ड में उपचुनाव होना मुश्किल दिख रहा है। पूर्व बीडीसी मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाने वाले वार्ड से खेल
ज्ञानपुर। सत्ता परिवर्तन के बाद ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर गहमागहमी बढ़ गई है। भदोही ब्लॉक में जो तीन वार्ड रिक्त हुए हैं, उनमें वार्ड 127 सामान्य है। माना जा रहा था कि उक्त सीट से सामान्य प्रत्याशी के चुनाव लड़ने से आगे के समीकरण पर असर पड़ सकता है।
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रिक्त सीट की जानकारी शासन को न भेजना गंभीर विषय है। ब्लॉक और डीपीआरओ कार्यालय से जानकारी ली जाएगी। जहां से भी गड़बड़ी सामने आएगी, संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रमेश चंद्र पांडेय, सीडीओ भदोही
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ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के रिक्त सीटों की सूचना डीपीआरओ कार्यालय आती है। वहां से पंचस्थानीय कार्यालय को जानकारी दी जाती है, जिसे शासन को भेजा जाता है। कार्यालय में रिक्त सीट से जुड़ी कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे उसे आगे नहीं भेजा जा सका।
डीएस शुक्ला, सहायक निर्वाचन अधिकारी पचंस्थानीय