अमर उजाला पड़ताल: वाराणसी के मंडलीय अस्पताल में मोर्चरी के बाहर पड़े रहे 13 शव, शिवपुर में जमीन पर
वाराणसी में गर्मी का कहर जारी है। मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में एक दिन में 400 लोगों के अस्पताल पहुंचने का मामला सामने आया। इतना ही नहीं अस्पतालों की इमरजेंसी भी फुल मिली।
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गर्मी के कारण अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड फुल हो गए हैं। जहां भी जगह मिल रही है, स्ट्रेचर पर लिटाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मोर्चरी में शवों की कतार लगी है। शिवपुर पोस्टमार्टम हाउस पर भी जैसे-तैसे शव रखे जा रहे हैं। सोमवार को शहर के सरकारी अस्पतालों में अमर उजाला की पड़ताल में ऐसा दृश्य देखने को मिला।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी में जगह की कमी के कारण शौचालय के गेट पर मरीज को स्ट्रेचर पर भर्ती किया गया। शहर के प्रमुख चौराहों पर कोई चक्कर खाकर गिर रहा है तो कोई तेज बुखार, उल्टी-दस्त, बेचैनी आदि की समस्या से परेशान है। अस्पतालों की इमरजेंसी में सुबह से लेकर शाम तक एंबुलेंस के आने का क्रम जारी है।
सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में तैनात एएसआई मनोज कुमार दोपहर में चक्कर खाकर गिर गए। इसके अलावा बाबा के दर्शन के लिए लाइन में खड़ी बिहार निवासी महिला अन्नू समेत चार अन्य लोग गिर गए। उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के एंबुलेंस से मंडलीय अस्पताल ले आया गया। सोमवार को बीएचयू समेत अन्य सरकारी अस्पतालों (मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल आदि) स्वास्थ्य केंद्रों की इमरजेंसी में गर्मी से बीमार 400 से अधिक लोग पहुंचे, इसमें इमरजेंसी समेत अन्य वार्डों में 100 लोगों को भर्ती किया गया।
मंडलीय अस्पताल में 13, शिवपुर में जमीन पर पड़े रहे दस से अधिक शव
पांच मिनट की देर होती तो चली जाती एएसआई की जान
विश्वनाथ मंदिर में तैनात पीएसी में एएसआई मनोज कुमार दोपहर करीब दो बजे मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में बेहोशी हालत में पहुंचे। जिस समय वह आए थे, उनको तेज बुखार था। इमरजेंसी में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की टीम ने तुरंत आइस पैक लेकर सिर से लेकर शरीर के अन्य भागों में लगाना शुरू किया। इसके अलावा शरीर के अन्य भागों में पानी डाला गया। करीब आधे घंटे प्राथमिक उपचार के बाद मनोज कुमार को होश आया।