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आजमगढ़ में 13 सहायक अध्यापक बर्खास्त, किया था इतना बड़ा फर्जीवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:10 PM IST
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बीएसए ने बर्खास्तगी के साथ रिकवरी का भी जारी किया आदेश
- फोटो : demo
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आजमगढ़ में मंगलवार को 13 सहायक अध्यापकों को बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा किया था। उन सभी ने फर्जी अंकपत्र लगा कर नौकरी ली थी। बीएसए ने बर्खास्तगी के साथ इनके वेतन की रिकवरी का भी आदेश दिया है।
15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत प्राथमिक विद्यालयों में चयनित सहायक अध्यापकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन में 13 अभ्यर्थियों के अंकपत्र फर्जी पाए गए थे। इन अध्यापकों ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की पूर्व मध्यमा का अंकपत्र अपने अभिलेखों में लगाया था।
जांच के बाद विश्वविद्यालय द्वारा सभी को फर्जी घोषित कर दिया गया। इस पर बीएसए ने इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर 14 दिसंबर 2017 को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया। लेकिन कोई शिक्षक उपस्थित नहीं हुआ।
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नोटिस में स्पष्ट निर्देश था कि जो उपस्थित होकर स्पष्टीकरण नहीं देगा उसके बारे में यह मान लिया जाएगा कि उसे अपने अंकपत्र फर्जी होने पर कुछ नहीं कहना है।
इसी आधार पर बीएसए ने इन 13 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति को निरस्त करते हुए इनके द्वारा नियुक्ति से बाद से आहरित धन की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया।
बीएसए देवेंद्र पांडेय ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में 13 शिक्षकों ने फर्जी अंकपत्रों का प्रयोग किया था। विश्वविद्यालय के सत्यापन में इसका खुलासा होने पर शिक्षकों को कई बार नोटिस जारी किया गया पर किसी ने अपना पक्ष नहीं रखा। इसके बाद इनकी सेवा समाप्ति और रिकवरी के निर्देश जारी कर दिए गए।
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15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत प्राथमिक विद्यालयों में चयनित सहायक अध्यापकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन में 13 अभ्यर्थियों के अंकपत्र फर्जी पाए गए थे। इन अध्यापकों ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की पूर्व मध्यमा का अंकपत्र अपने अभिलेखों में लगाया था।
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जांच के बाद विश्वविद्यालय द्वारा सभी को फर्जी घोषित कर दिया गया। इस पर बीएसए ने इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर 14 दिसंबर 2017 को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया। लेकिन कोई शिक्षक उपस्थित नहीं हुआ।
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नोटिस में स्पष्ट निर्देश था कि जो उपस्थित होकर स्पष्टीकरण नहीं देगा उसके बारे में यह मान लिया जाएगा कि उसे अपने अंकपत्र फर्जी होने पर कुछ नहीं कहना है।
इसी आधार पर बीएसए ने इन 13 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति को निरस्त करते हुए इनके द्वारा नियुक्ति से बाद से आहरित धन की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया।
बीएसए देवेंद्र पांडेय ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में 13 शिक्षकों ने फर्जी अंकपत्रों का प्रयोग किया था। विश्वविद्यालय के सत्यापन में इसका खुलासा होने पर शिक्षकों को कई बार नोटिस जारी किया गया पर किसी ने अपना पक्ष नहीं रखा। इसके बाद इनकी सेवा समाप्ति और रिकवरी के निर्देश जारी कर दिए गए।
बर्खास्त हुए ये शिक्षक
प्रशासन
- फोटो : demo pic
बेसिक शिक्षाधिकारी ने मंगलवार को जिन 13 शिक्षकों को बर्खास्त किया है, उनमें करूणा राय पुत्री रविशंकर प्राथमिक विद्यालय हरईरामपुर और पीयूष कुमार श्रीवास्तव पुत्र ओमप्रकाश श्रीवास्तव, प्रावि चंद्रभानपुर शिक्षाक्षेत्र ठेकमा, नवनीत कुमार पुत्र अजय कुमार श्रीवास्तव और प्रियंका अस्थाना पत्नी आशुतोष कुमार राय प्राथमिक विद्यालय महुजा नेवादा और पूजा राय पुत्री रामजी राय प्राथमिक विद्यालय नेवादा, शिक्षाक्षेत्र मार्टीनगंज, मिथिलेश श्रीवास्तव पुत्र लल्लन प्रसाद श्रीवास्तव, प्राथमिक विद्यालय दमदियवना, शिक्षाक्षेत्र अहरौला, चित्रा मिश्रा पुत्री कमल कुमार मिश्रा, प्राथमिक विद्यालय लिलारी, अमित कुमार श्रीवास्तव पुत्र राधेश्याम, प्रावि गोविंदपुर, सौरभ पुत्र अभिमन्यू प्रावि मेहमौनी और बृजेश कुमार राय पुत्र महातम राय प्राथमिक विद्यालय गढवा, शिक्षा क्षेत्र तहबरपुर, पूनम श्रीवास्तव पुत्री देवी प्रसाद श्रीवास्तव प्रावि बरही, शिक्षाक्षेत्र जहानागंज, संजय कुमार श्रीवास्तव पुत्र बृजबिहारी लाल, प्रावि दुर्वासा, शिक्षाक्षेत्र मिर्जापुर, सत्येंद्र कुमार राय पुत्र हरिहर प्रसाद राय, प्रावि शिवपुर, शिक्षाक्षेत्र महराजगंज शामिल है।