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Varanasi News: निपुण आंकलन में 124 स्कूल के बच्चे कमजोर मिले
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प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए निपुण परीक्षा कराई जाती है। इसमें विद्यालयों की शिथिलता के चलते निपुण आंकलन में जिले के 124 बेसिक विद्यालय के बच्चे पढ़ाई में कमजोर मिले हैं। बीएसए ने इन स्कूलों के शिक्षकों को नोटिस भेजा है। संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले शिक्षकों के वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगाई जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तीसरे महीने निपुण आंकलन परीक्षा कराई जाती है। इससे बच्चों की पढ़ाई का आंकलन किया जाता है। बच्चों के रिजल्ट के अनुसार शिक्षकों का ग्रेड तय किया जाता है। दिसंबर माह में 810 स्कूलों की निपुणता का आंकलन कराया गया। इसमें से 558 स्कूलों के बच्चे 60 फीसदी से अधिक निपुण पाए गए। वहीं, 252 स्कूलों के बच्चे सभी विषयों में दक्ष पाए गए। 124 स्कूलों के बच्चों की हालत काफी खराब पाई गई।
निपुण परीक्षा के माध्यम से कक्षा 1-5 तक के बच्चों का भाषा एवं गणित तथा कक्षा 6 से 8 तक विज्ञान गणित के विषयों का आंकलन किया जाता है। जिन विद्यालयों के बच्चे कमजोर पाए गए हैं, उन विद्यालयों के अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जाएगी। -डॉ. अरविंद पाठक, बेसिक शिक्षाधिकारी
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तीसरे महीने निपुण आंकलन परीक्षा कराई जाती है। इससे बच्चों की पढ़ाई का आंकलन किया जाता है। बच्चों के रिजल्ट के अनुसार शिक्षकों का ग्रेड तय किया जाता है। दिसंबर माह में 810 स्कूलों की निपुणता का आंकलन कराया गया। इसमें से 558 स्कूलों के बच्चे 60 फीसदी से अधिक निपुण पाए गए। वहीं, 252 स्कूलों के बच्चे सभी विषयों में दक्ष पाए गए। 124 स्कूलों के बच्चों की हालत काफी खराब पाई गई।
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निपुण परीक्षा के माध्यम से कक्षा 1-5 तक के बच्चों का भाषा एवं गणित तथा कक्षा 6 से 8 तक विज्ञान गणित के विषयों का आंकलन किया जाता है। जिन विद्यालयों के बच्चे कमजोर पाए गए हैं, उन विद्यालयों के अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जाएगी। -डॉ. अरविंद पाठक, बेसिक शिक्षाधिकारी
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