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15 हजार भक्तों ने हनुमत दरबार में चढ़ाया निशान
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वाराणसी। राम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव शुक्रवार को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर हनुमत सेवा समिति, हनुमान ध्वजा प्रभातफेरी संगठन सहित कई अन्य धार्मिक संगठनों ने संकट मोचन मंदिर में 15 हजार से अधिक निशान चढ़ाए। जन्मोत्सव के चलते सभी मंदिरों में देर रात तक दर्शन पूजन का कार्र्य चलता रहा।
हनुमत सेवा समिति परिवार की ओर से शुक्रवार की सुबह सात बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढाई किमी की इस यात्रा में श्रद्धालु भक्ति धुनों पर नाचते गाते और जयकारे लगाते हुए निकले। भिखारीपुर से निकली शोभायात्रा सुंदरपुर, नरिया, लंका होते हुए संकट मोचन मंदिर दोपहर 11 बजे पहुंची। जहां इस शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
यात्रा के आयोजन में पूर्वांचल के कई क्षेत्रों से भी ध्वज यात्राएं सम्मिलित हुईं। अदलपुरा, कनकसराय, मिर्जापुर, रामसिंहपुर, कोनियां, डाफी, सुंदरपुर, खोजवां, जानकी नगर, शिवरतनपुर, जलाली पट्टी, अहमदाबाद क्षेत्रों से भक्त ध्वज लेकर झांकियों में शामिल हुए। यात्रा के संस्थापक अध्यक्ष रामबली मौर्य ने बताया कि इस यात्रा में छोटे बड़े ध्वज मिलाकर 11 हजार ध्वज और पताका शामिल रहे। वहीं भगवान के 60 फीट लंबे रथ के साथ लगभग 70 अन्य झांकिया शामिल रहीं, जिसमें करीब 12 हजार से अधिक लोग शामिल हुए।
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हनुमान ध्वजा प्रभातफेरी समिति की ओर से निकाली जा रही हनुमान ध्वजा यात्रा का समापन शुक्रवार को हो गया। दुर्गा कुंड स्थित धर्म संघ में क्षेत्रपाल ईश्वर महादेव मंदिर से सुबह 6 बजे भक्तों की भीड़ एकत्र होने लगी। ध्वज के पूजन के बाद भगवान की एक भव्य झांकी निकाली गई। सभी देवताओं की 11 वैदिक व्राह्मणों द्वारा महाआरती की गई। मुख्य अतिथि चंद्रमौली उपाध्याय व योगी राज विजय कुमार मिश्र व पूर्व विधायक अजय राय ने पूजन अर्चन कर भक्तों को ध्वजा देकर यात्रा महोत्सव का शुभारंभ किया। उनके पीछे 21 फीट का हनुमान पताका और कई तरह के बैंड लेकर भक्तों ने यात्रा शुरू की। राम दरबार की जीवंत झांकी के पीछे श्रद्धालुओं द्वारा डांडिया नृत्य किया जा रहा था। 201 महिलाओं द्वारा आरती की सजी थाली लेकर चल रहीं थीं। जब शोभायात्रा त्रिदेव मंदिर पहुंची तो उनका भारत विकास परिषद की ओर से स्वागत किया गया और आरती उतारी गई। संकट मोचन मंदिर में 11 मन लड्डू का प्रसाद चढ़ाया गया। इस मौके पर भरत सराफ, अनूप सराफ, सुर्योदय शास्त्री, अनिल, भाव सिंह, श्याम सुंदर गाड़ोदिया आदि मौजूद रहे।
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हनुमत सेवा समिति परिवार की ओर से शुक्रवार की सुबह सात बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढाई किमी की इस यात्रा में श्रद्धालु भक्ति धुनों पर नाचते गाते और जयकारे लगाते हुए निकले। भिखारीपुर से निकली शोभायात्रा सुंदरपुर, नरिया, लंका होते हुए संकट मोचन मंदिर दोपहर 11 बजे पहुंची। जहां इस शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
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यात्रा के आयोजन में पूर्वांचल के कई क्षेत्रों से भी ध्वज यात्राएं सम्मिलित हुईं। अदलपुरा, कनकसराय, मिर्जापुर, रामसिंहपुर, कोनियां, डाफी, सुंदरपुर, खोजवां, जानकी नगर, शिवरतनपुर, जलाली पट्टी, अहमदाबाद क्षेत्रों से भक्त ध्वज लेकर झांकियों में शामिल हुए। यात्रा के संस्थापक अध्यक्ष रामबली मौर्य ने बताया कि इस यात्रा में छोटे बड़े ध्वज मिलाकर 11 हजार ध्वज और पताका शामिल रहे। वहीं भगवान के 60 फीट लंबे रथ के साथ लगभग 70 अन्य झांकिया शामिल रहीं, जिसमें करीब 12 हजार से अधिक लोग शामिल हुए।
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हनुमान ध्वजा प्रभातफेरी समिति की ओर से निकाली जा रही हनुमान ध्वजा यात्रा का समापन शुक्रवार को हो गया। दुर्गा कुंड स्थित धर्म संघ में क्षेत्रपाल ईश्वर महादेव मंदिर से सुबह 6 बजे भक्तों की भीड़ एकत्र होने लगी। ध्वज के पूजन के बाद भगवान की एक भव्य झांकी निकाली गई। सभी देवताओं की 11 वैदिक व्राह्मणों द्वारा महाआरती की गई। मुख्य अतिथि चंद्रमौली उपाध्याय व योगी राज विजय कुमार मिश्र व पूर्व विधायक अजय राय ने पूजन अर्चन कर भक्तों को ध्वजा देकर यात्रा महोत्सव का शुभारंभ किया। उनके पीछे 21 फीट का हनुमान पताका और कई तरह के बैंड लेकर भक्तों ने यात्रा शुरू की। राम दरबार की जीवंत झांकी के पीछे श्रद्धालुओं द्वारा डांडिया नृत्य किया जा रहा था। 201 महिलाओं द्वारा आरती की सजी थाली लेकर चल रहीं थीं। जब शोभायात्रा त्रिदेव मंदिर पहुंची तो उनका भारत विकास परिषद की ओर से स्वागत किया गया और आरती उतारी गई। संकट मोचन मंदिर में 11 मन लड्डू का प्रसाद चढ़ाया गया। इस मौके पर भरत सराफ, अनूप सराफ, सुर्योदय शास्त्री, अनिल, भाव सिंह, श्याम सुंदर गाड़ोदिया आदि मौजूद रहे।