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मानदेय न मिलने पर सफाई कर्मियों का हंगामा
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वाराणसी। दो माह से मानदेय न मिलने पर मंगलवार को आईएलएफएस के सफाई कर्मचारियों ने दशाश्वमेध घाट और सोनापुरा-मदनपुरा मार्ग पर हंगामा किया। सड़क पर कूड़ा और ठेला रखकर रास्ता जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। बाद में सफाई कर्मचारियों ने पीएम के जनसंपर्क कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और मानदेय की मांग की।
कर्मचारियों के अनुसार, कंपनी को एक माह से भुगतान नहीं मिला है, जबकि उन्हें दो माह से भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी के अफसरों की लापरवाही की वजह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। इससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। जंगमबाड़ी के पार्षद गोपाल यादव, चंद्रनाथ मुखर्जी, पूर्व पार्षद अरशद लड्डू, हारुन ने कर्मचारियों को समझाकर शांत कराया। उधर, कर्मचारियों के हंगामे से गंगा घाटों और चार वार्डों की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित रही। यहां सफाई के लिए नगर निगम के कर्मचारियों को लगाया गया है। बताते चलें कि शहर के 84 घाट और चार वार्ड की सफाई व्यवस्था आईएलएफएस संभालती है। इसके लिए केंद्र सरकार से प्रति माह करीब 70 लाख रुपये दिए जाते हैं।
अपर नगर आयुक्त अजय कुमार सिंह ने कहा कि सफाई कर्मियों को मानदेय दिलाने के लिए कंपनी के अधिकारियों से वार्ता की गई है। सफाई व्यवस्था खराब न हो, इसके लिए निगम के सफाई कर्मियों को लगाया गया है।
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कर्मचारियों के अनुसार, कंपनी को एक माह से भुगतान नहीं मिला है, जबकि उन्हें दो माह से भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी के अफसरों की लापरवाही की वजह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। इससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। जंगमबाड़ी के पार्षद गोपाल यादव, चंद्रनाथ मुखर्जी, पूर्व पार्षद अरशद लड्डू, हारुन ने कर्मचारियों को समझाकर शांत कराया। उधर, कर्मचारियों के हंगामे से गंगा घाटों और चार वार्डों की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित रही। यहां सफाई के लिए नगर निगम के कर्मचारियों को लगाया गया है। बताते चलें कि शहर के 84 घाट और चार वार्ड की सफाई व्यवस्था आईएलएफएस संभालती है। इसके लिए केंद्र सरकार से प्रति माह करीब 70 लाख रुपये दिए जाते हैं।
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अपर नगर आयुक्त अजय कुमार सिंह ने कहा कि सफाई कर्मियों को मानदेय दिलाने के लिए कंपनी के अधिकारियों से वार्ता की गई है। सफाई व्यवस्था खराब न हो, इसके लिए निगम के सफाई कर्मियों को लगाया गया है।
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