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हर मतदान केंद्र पर होगी वीवीपैट
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वाराणसी। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने बताया कि लोकसभा चुनाव में एनआरआई भी वोट दे सकेंगे, लेकिन उन्हें मतदान के लिए बूथ तक आना होगा। मतदाता बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, लेकिन ऑनलाइन मतदान की सुविधा नहीं है।
शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में आयोजित प्रेसवार्र्ता उन्होंने बताया कि इस बार हर मतदान केंद्र पर ईवीएम के साथ वीवीपैट (वोटर वेरिफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीन भी लगेगी। इसके कई फायदे होंगे। एक तो मतदाता वोट चेक कर सकेगा। दूसरा अगर ईवीएम खराब हो गई या फिर मतदान की संख्या डिलीट हो गई तो वीवीपैट मशीन से भी काउंटिंग हो सकेगी। इसके साथ ही आशंका होने पर वीवीपेट मशीन और ईवीएम के मतदान का मिलान भी किया जा सकेगा। दिव्यांगों के लिए हर मतदान केंद्र पर रैंप की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। फिर भी मतदाताओं को एक मौका 23 और 24 फरवरी को दिया गया है। इन तिथियों को नाम जुड़वाना, नाम में संशोधन और नाम कटवाया जा सकेगा। उनके साथ कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम सुरेंद्र सिंह, एसएसपी आनंद कुलकर्णी उपस्थित रहे।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव को लेकर पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं। शत प्रतिशत मतदान हो, इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों को चिह्नित करने के बाद वहां की सुरक्षा व्यवस्था सही की जा रही है। जो लोग चुनाव में गड़बड़ी कर सकते हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। ऐसे लोगों को पाबंद किया जाएगा।
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चुनाव में सुरक्षा के दौरान तैनात अर्द्ध सैनिक बलों को लेकर उन्होंने बताया कि पुलवामा की घटना के बाद से इस बार चुनाव की सुरक्षा कैसे होगी, इसे लेकर मंथन चल रहा है। किस बल को कहां उपयोग किया जाए, इसके बारे में सभी सुरक्षा अधिकारी बैठकर रणनीति तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे जो भी हो, लेकिन चुनाव निष्पक्ष कराया जाएगा।
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शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में आयोजित प्रेसवार्र्ता उन्होंने बताया कि इस बार हर मतदान केंद्र पर ईवीएम के साथ वीवीपैट (वोटर वेरिफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीन भी लगेगी। इसके कई फायदे होंगे। एक तो मतदाता वोट चेक कर सकेगा। दूसरा अगर ईवीएम खराब हो गई या फिर मतदान की संख्या डिलीट हो गई तो वीवीपैट मशीन से भी काउंटिंग हो सकेगी। इसके साथ ही आशंका होने पर वीवीपेट मशीन और ईवीएम के मतदान का मिलान भी किया जा सकेगा। दिव्यांगों के लिए हर मतदान केंद्र पर रैंप की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। फिर भी मतदाताओं को एक मौका 23 और 24 फरवरी को दिया गया है। इन तिथियों को नाम जुड़वाना, नाम में संशोधन और नाम कटवाया जा सकेगा। उनके साथ कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम सुरेंद्र सिंह, एसएसपी आनंद कुलकर्णी उपस्थित रहे।
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प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव को लेकर पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं। शत प्रतिशत मतदान हो, इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों को चिह्नित करने के बाद वहां की सुरक्षा व्यवस्था सही की जा रही है। जो लोग चुनाव में गड़बड़ी कर सकते हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। ऐसे लोगों को पाबंद किया जाएगा।
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चुनाव में सुरक्षा के दौरान तैनात अर्द्ध सैनिक बलों को लेकर उन्होंने बताया कि पुलवामा की घटना के बाद से इस बार चुनाव की सुरक्षा कैसे होगी, इसे लेकर मंथन चल रहा है। किस बल को कहां उपयोग किया जाए, इसके बारे में सभी सुरक्षा अधिकारी बैठकर रणनीति तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे जो भी हो, लेकिन चुनाव निष्पक्ष कराया जाएगा।