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हर-हर गंगे, जय विश्वनाथ का घोष कर पहुंचे बाबा दरबार
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हर-हर गंगे, जय विश्वनाथ का घोष कर पहुंचे बाबा दरबार
बाबा के दर्शन के लिए आज मिलेगा गेट नंबर चार से प्रवेश
मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए रात से ही आने लगे श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। काशी पुराधिपति के दरबार में रविवार को कुंभ से लौटे श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की गलियां श्रद्धालुओं से पट गईं। मंगला आरती के बाद शुरू दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। गेट नंबर चार से लेकर गोदौलिया चौराहे से होते हुए दशाश्वमेध घाट तक श्रद्धालुओं की अटूट कतार लगी रही। हर-हर गंगे और जय विश्वनाथ का नारा लगाते हुए श्रद्धालुओं का रेला बाबा के दरबार में बढ़ता ही जा रहा था। श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव में कई बार लाइन टूटी और सुरक्षा कर्मियों को पसीना आ गया। हालांकि शाम होते-होते भीड़ का दबाव कम हो गया।
मंदिर प्रशासन ने कुंभ से मौनी अमावस्या पर स्नान कर लौटे श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन कराने के लिए व्यवस्था की है। सोमवार को श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए गेट नंबर चार से प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को गेट नंबर एक और दोे निकाला जाएगा। दशाश्वमेध घाट से लेकर छत्ता द्वार तक बैरिकेडिंग की गई है। रात से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। गोदौलिया से लेकर गंगा घाट तक श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए इंतजार में बैठे रहे।
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बाबा के दर्शन के लिए आज मिलेगा गेट नंबर चार से प्रवेश
मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए रात से ही आने लगे श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। काशी पुराधिपति के दरबार में रविवार को कुंभ से लौटे श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की गलियां श्रद्धालुओं से पट गईं। मंगला आरती के बाद शुरू दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। गेट नंबर चार से लेकर गोदौलिया चौराहे से होते हुए दशाश्वमेध घाट तक श्रद्धालुओं की अटूट कतार लगी रही। हर-हर गंगे और जय विश्वनाथ का नारा लगाते हुए श्रद्धालुओं का रेला बाबा के दरबार में बढ़ता ही जा रहा था। श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव में कई बार लाइन टूटी और सुरक्षा कर्मियों को पसीना आ गया। हालांकि शाम होते-होते भीड़ का दबाव कम हो गया।
मंदिर प्रशासन ने कुंभ से मौनी अमावस्या पर स्नान कर लौटे श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन कराने के लिए व्यवस्था की है। सोमवार को श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए गेट नंबर चार से प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को गेट नंबर एक और दोे निकाला जाएगा। दशाश्वमेध घाट से लेकर छत्ता द्वार तक बैरिकेडिंग की गई है। रात से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। गोदौलिया से लेकर गंगा घाट तक श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए इंतजार में बैठे रहे।
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