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बिजली उत्पादन के साथ मरीजों को मिलेगा गर्म पानी
Updated Tue, 11 Dec 2018 02:07 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में सोलर थर्मल प्लांट का सोमवार को उद्घाटन हुआ। चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय की छत पर फोटो वोल्टाइक थर्मल तकनीक से लगे इस प्लांट से बिजली उत्पादन के साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को गर्म पानी भी मिलेगा। जर्मनी के संघीय अध्यक्ष आर्थिक सहयोग और विकास क्रिस्टियान हाइरोनिमस और बीएचयू के कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने उद्घाटन किया। उधर, जर्मनी से आए प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल का दौरान मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।
जर्मनी के सहयोग से लगा यह प्रदेश का पहला ऐसा प्लांट है। इससे 18 किलोवाट विद्युत और 43 किलोवाट ताप ऊर्जा का उत्पादन होगा। क्रिस्टियान ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर सौर ऊर्जा की दिशा में काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में नई तकनीकों के साथ पर्यावरण, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए भी आगे बढ़ेंगे। जर्मनी में विकास सहयोग निदेशक डॉ. जुली रेवेरी ने कहा कि नई तकनीकों के साथ बने इस प्लेटों पर तेज धूप का भी कोई असर नहीं पड़ने वाला। कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि अगले साल फरवरी तक आठ किलोवाट तक के सोलर प्लांट विश्वविद्यालय के सभी विभागों की छत पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा नई बिल्डिंग बनने के साथ ही प्लांट लगवाया जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि फोटो वोल्टाइक थर्मल प्रौद्योगिकी की सार्थकता पर एक वर्ष तक शोध किया जाएगा। तब तक इसका उपयोग बिजली आपूर्ति और गर्म पानी के लिए किया जाएगा। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल ने आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। कार्यक्रम में उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएन श्रीवास्तव, डॉ. आनंद श्रीवास्तव, सुमिल तिवारी, सुधांशु मिश्रा, संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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जर्मनी के सहयोग से लगा यह प्रदेश का पहला ऐसा प्लांट है। इससे 18 किलोवाट विद्युत और 43 किलोवाट ताप ऊर्जा का उत्पादन होगा। क्रिस्टियान ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर सौर ऊर्जा की दिशा में काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में नई तकनीकों के साथ पर्यावरण, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए भी आगे बढ़ेंगे। जर्मनी में विकास सहयोग निदेशक डॉ. जुली रेवेरी ने कहा कि नई तकनीकों के साथ बने इस प्लेटों पर तेज धूप का भी कोई असर नहीं पड़ने वाला। कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि अगले साल फरवरी तक आठ किलोवाट तक के सोलर प्लांट विश्वविद्यालय के सभी विभागों की छत पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा नई बिल्डिंग बनने के साथ ही प्लांट लगवाया जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि फोटो वोल्टाइक थर्मल प्रौद्योगिकी की सार्थकता पर एक वर्ष तक शोध किया जाएगा। तब तक इसका उपयोग बिजली आपूर्ति और गर्म पानी के लिए किया जाएगा। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल ने आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। कार्यक्रम में उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएन श्रीवास्तव, डॉ. आनंद श्रीवास्तव, सुमिल तिवारी, सुधांशु मिश्रा, संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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