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गैस सिलेंडर ठीक कराने के दौरान धधकी आग, एक महिला सहित तीन झुलसे
Updated Mon, 08 Oct 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेडियम कॉलोनी में रविवार की शाम एलपीजी सिलेंडर को ठीक करने के दौरान अचानक आग लग गई जिसमें एक महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आनन-फानन में उन्हें रेलवे के मंडलीय अस्पताल ले जाया गया जहां से चिकित्सकों ने एक मैकेनिक और उसके दोस्त को कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया। सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
इंद्रावती देवी (55) अपने पति रविशंकर उपाध्याय(एनईआर में गार्ड) के साथ स्टेडियम कॉलोनी के 132 एफ क्वार्टर में रहती हैं। सुबह उन्हाेंने इंडेन की राहुल गैस एजेंसी से भरा सिलेंडर मंगाया। जब उसे चूल्हे में लगाया तो गैस ठीक से नही जल रही थी। उनका कहना है कि एजेंसी को फोन किया तो किसी ने उठाया ही नही। फिर उन्होंने एक फलवरिया गेट नंबर पांच पर रहने वोल एक लोकल मिस्त्री सोनू को बुलाया। उसके साथ मऊ के हरपुर निवासी घनश्याम गौड़ भी पहुंचा। सिलेंडर को बरामदे में लाकर ठीक करने के दौरान ही अचानक जबरदस्त गैस रिसाव शुरू हो गया और धमाके के साथ आग लग गई। घर के कुछ हिस्सों के साथ-साथ सोनू, घनश्याम के साथ-साथ इंद्रावती के कपड़े भी जलने लगे। चीख पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पानी डालकर आग बुझाया तो वहीं झुलसे लोगों को आनन-फानन में रेलवे के मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से मकैनिक व उसके साथी को कबीर चौरा मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया। सभी लोग 40 से 45 प्रतिशत तक झुलसे हैं। आग लगने का कारण गैस रिसाव का इलेक्ट्रिक बल्ब के संपर्क में आ जाना रहा। घटना के बाद भी गैस सिलेंडर में रिसाव होता रहा पर इंडेन या एजेंसी की तरफ से कोई टीम नहीं पहुंची।
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इंद्रावती देवी (55) अपने पति रविशंकर उपाध्याय(एनईआर में गार्ड) के साथ स्टेडियम कॉलोनी के 132 एफ क्वार्टर में रहती हैं। सुबह उन्हाेंने इंडेन की राहुल गैस एजेंसी से भरा सिलेंडर मंगाया। जब उसे चूल्हे में लगाया तो गैस ठीक से नही जल रही थी। उनका कहना है कि एजेंसी को फोन किया तो किसी ने उठाया ही नही। फिर उन्होंने एक फलवरिया गेट नंबर पांच पर रहने वोल एक लोकल मिस्त्री सोनू को बुलाया। उसके साथ मऊ के हरपुर निवासी घनश्याम गौड़ भी पहुंचा। सिलेंडर को बरामदे में लाकर ठीक करने के दौरान ही अचानक जबरदस्त गैस रिसाव शुरू हो गया और धमाके के साथ आग लग गई। घर के कुछ हिस्सों के साथ-साथ सोनू, घनश्याम के साथ-साथ इंद्रावती के कपड़े भी जलने लगे। चीख पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पानी डालकर आग बुझाया तो वहीं झुलसे लोगों को आनन-फानन में रेलवे के मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से मकैनिक व उसके साथी को कबीर चौरा मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया। सभी लोग 40 से 45 प्रतिशत तक झुलसे हैं। आग लगने का कारण गैस रिसाव का इलेक्ट्रिक बल्ब के संपर्क में आ जाना रहा। घटना के बाद भी गैस सिलेंडर में रिसाव होता रहा पर इंडेन या एजेंसी की तरफ से कोई टीम नहीं पहुंची।
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