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पांच सौ से अधिक फर्जी आधार कार्ड निरस्त
Updated Tue, 29 Aug 2017 02:03 AM IST
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वाराणसी। सहज जन सेवा केंद्रों से जारी किए गए फर्जी आधार कार्डों का भंडाफोड़ होने से हड़कंप मच गया है। प्रदेश भर के कई केंद्रों पर ऐसी शिकायतें मिली हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने जिले के 20 ऐसे सहज जन सेवा केंद्रों को चिह्नित किया है, जहां से जारी किए गए तकरीबन पांच सौ से अधिक फर्जी आधार कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही, इन केंद्रों पर ताला लगवा दिया गया है। एहतियात के तौर पर आधार बनाने वाले अब सभी जन सेवा केंद्रों को 50-50 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। इसके लिए यूआईडीएआई ने निर्देश जारी कर दिया है।
वाराणसी में 686 सहज जन सेवा केंद्र खोले गए हैं। इनमें 130 केंद्रों को आधार कार्ड बनाने का साफ्टवेयर यूआईडीएआई ने उपलब्ध कराया है और उन्हें इसके लिए अधिकृत किया है। इन केंद्रों पर आधार कार्ड के साथ ही आय, जाति, निवास, पैन कार्ड भी बनवाए जाते हैं। बिना किसी प्रूफ के आधार कार्ड जारी करने की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए यूआईडीएआई ने जब सख्ती की तो पता चला कि प्रदेश भर में हजारों की संख्या में मानक के विपरीत ऐसे कार्ड जारी किए गए हैं। अकेले वाराणसी में पांच सौ से अधिक फर्जी आधार कार्ड निरस्त किए गए हैं। इन्हें जारी करने वाले 20 केंद्र अब तक चिह्नित किए गए हैं। इन पर तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए ताला लगवा दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक फर्जीवाड़ा करने वाले केंद्रों पर यूआईडीएआई के दिशा-निर्देश के अनुरूप कार्रवाई होगी। इन केंद्रों के खिलाफ कम से कम दो साल के प्रतिबंध, जुर्माना या फिर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
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वाराणसी में 686 सहज जन सेवा केंद्र खोले गए हैं। इनमें 130 केंद्रों को आधार कार्ड बनाने का साफ्टवेयर यूआईडीएआई ने उपलब्ध कराया है और उन्हें इसके लिए अधिकृत किया है। इन केंद्रों पर आधार कार्ड के साथ ही आय, जाति, निवास, पैन कार्ड भी बनवाए जाते हैं। बिना किसी प्रूफ के आधार कार्ड जारी करने की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए यूआईडीएआई ने जब सख्ती की तो पता चला कि प्रदेश भर में हजारों की संख्या में मानक के विपरीत ऐसे कार्ड जारी किए गए हैं। अकेले वाराणसी में पांच सौ से अधिक फर्जी आधार कार्ड निरस्त किए गए हैं। इन्हें जारी करने वाले 20 केंद्र अब तक चिह्नित किए गए हैं। इन पर तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए ताला लगवा दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक फर्जीवाड़ा करने वाले केंद्रों पर यूआईडीएआई के दिशा-निर्देश के अनुरूप कार्रवाई होगी। इन केंद्रों के खिलाफ कम से कम दो साल के प्रतिबंध, जुर्माना या फिर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
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