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छह दिन बाद लौटी बारात तो हुई शादी
Updated Mon, 12 Jun 2017 11:35 PM IST
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घोसी। घोसी कोतवाली के होलीपुर मदापुर निवासी जनार्दन राजभर की लड़की की शादी के लिये 7 जून को लाडपुर से मारपीट को लेकर लौटी बारात दोनों पक्षों के सुलह समझौते के बाद सोमवार को पुन: आई। रीति रिवाज से पुन: शादी संपन्न हुई। ।
बता दें कि घोसी नगर से सटे होलीपुर गांव में जनार्दन राजभर पुत्र दशरथ की पुत्री की शादी कोपागंज थाना के लाडपुर निवासी सर्जुन राजभर के लड़के शिवशंकर के साथ 7 जून को होनी थी।बुधवार की शाम को बारात आयी। द्वारपूजा के बाद जलपान के लिये जब बाराती पंडाल में पहुंचे तो मेज कुर्सी की गंदगी को साफ करने की बात को लेकर दोनों पक्षों में ईंट पत्थर चलने लगे। इससे दूल्हे के भाई राजू, शिव, राजा, सचिन के साथ लाडपुर गांव के गोविंद व मुन्ना राजभर आदि घायल हो गए। भगदड़ में अधिकांश बाराती भाग लिए। घटना की जानकारी मिलते ही लड़की के पिता और लड़के के पिता पहुंचे तब तक मामला बिगड़ चूका था। दूल्हे के भाई के सिर में ज्यादा चोट लगने के कारण शादी नहीं हुई और बारात वापस चली गई। इस को लेकर पुन: शादी के प्रयास में रामप्रवेश राजभर, महेंद्र राजभर, चंद्रशेखर आदि के प्रयास से लड़के का पिता सर्जुन राजभर राजी हो गए और रिश्तेदारों के साथ बारात लेकर सोमवार को दिन में पहुंचे। मंडप में विधि विधान से शादी संपन्न हुई।
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बता दें कि घोसी नगर से सटे होलीपुर गांव में जनार्दन राजभर पुत्र दशरथ की पुत्री की शादी कोपागंज थाना के लाडपुर निवासी सर्जुन राजभर के लड़के शिवशंकर के साथ 7 जून को होनी थी।बुधवार की शाम को बारात आयी। द्वारपूजा के बाद जलपान के लिये जब बाराती पंडाल में पहुंचे तो मेज कुर्सी की गंदगी को साफ करने की बात को लेकर दोनों पक्षों में ईंट पत्थर चलने लगे। इससे दूल्हे के भाई राजू, शिव, राजा, सचिन के साथ लाडपुर गांव के गोविंद व मुन्ना राजभर आदि घायल हो गए। भगदड़ में अधिकांश बाराती भाग लिए। घटना की जानकारी मिलते ही लड़की के पिता और लड़के के पिता पहुंचे तब तक मामला बिगड़ चूका था। दूल्हे के भाई के सिर में ज्यादा चोट लगने के कारण शादी नहीं हुई और बारात वापस चली गई। इस को लेकर पुन: शादी के प्रयास में रामप्रवेश राजभर, महेंद्र राजभर, चंद्रशेखर आदि के प्रयास से लड़के का पिता सर्जुन राजभर राजी हो गए और रिश्तेदारों के साथ बारात लेकर सोमवार को दिन में पहुंचे। मंडप में विधि विधान से शादी संपन्न हुई।
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