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Varanasi News: दोहरीघाट में दशकों पूर्व 12 घाट थे, अब मात्र बचा है एक घाट
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एक जमाना था जब कस्बा स्थित सरयू नदी पर परमहंस बाबा की कुटी का घाट, नागा बाबा की कुटी का घाट, गौरीशंकर घाट, राम जानकी घाट, खाकी बाबा की कुटी का घाट, रामघाट सहित 12 घाट हुआ करते थे। सरयू नदी ने 11 घाटों को लील लिया। अब मात्र रामघाट ही एक मात्र घाट बचा है, जहां लोग स्नान पर्व पर भारी संख्या में स्नान करते हैं।
किसानों को नहीं मिला मुआवजा: सरयू नदी में प्रतिवर्ष उफान आता है। लंबे समय से कृषि उपयोगी जमीन नदी में विलीन हो रही है। अब तक लगभग 2900 एकड़ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। धनौली रामपुर के किसान परमहंस राय का कहना था कि नदी में उफान आने पर प्रतिवर्ष जमीन नदी में विलीन हो जाती है। अब तक 12 एकड़ जमीन विलीन हो चुकी है। लेकिन मुआवजा नहीं मिल सका है। इसी गांव के ही शंभू दत्त राय का कहना है कि सात एकड़ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। शिकायत के बाद भी मुआवजा नहीं मिल सका है।
इसी गांव के रामबचन राय का कहना है कि 10 एकड़ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है।
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आत्मा राय का कहना है कि हमारी आठ एकड़ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है। शिकायत के बाद भी एक पाई का मुआवजा नहीं मिल सका है।
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किसानों को नहीं मिला मुआवजा: सरयू नदी में प्रतिवर्ष उफान आता है। लंबे समय से कृषि उपयोगी जमीन नदी में विलीन हो रही है। अब तक लगभग 2900 एकड़ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। धनौली रामपुर के किसान परमहंस राय का कहना था कि नदी में उफान आने पर प्रतिवर्ष जमीन नदी में विलीन हो जाती है। अब तक 12 एकड़ जमीन विलीन हो चुकी है। लेकिन मुआवजा नहीं मिल सका है। इसी गांव के ही शंभू दत्त राय का कहना है कि सात एकड़ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। शिकायत के बाद भी मुआवजा नहीं मिल सका है।
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इसी गांव के रामबचन राय का कहना है कि 10 एकड़ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है।
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आत्मा राय का कहना है कि हमारी आठ एकड़ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है। शिकायत के बाद भी एक पाई का मुआवजा नहीं मिल सका है।