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13 घंटे बाद निकला मजदूर का शव
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सेवापुरी। 13 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार को कुएं से मजदूर का शव निकाला जा सका। जंसा थाना क्षेत्र के कपरफोरवा गांव में शुक्रवार की शाम कुएं से ईंट निकालने के दौरान कुंआ धंसने से मजदूर सुभाष राम लगभग 50 फीट नीचे धंस गया था। उप जिलाधिकारी राजातालाब, जंसा, रोहनिया थाने की पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू में जुटी रहीं, लेकिन मजदूर को बचाने में नाकाम रहे। शनिवार को उसका शव निकाला जा सका। मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने शव देने से इनकार कर दिया, बाद में हर संभव मदद के आश्वासन पर माने और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कपरफ ोरवा गांव में संतोष दुबे का पुराना कुआं है। कुएं से ईंट निकालने के लिए सिहोरवा गांव के ही सुभाष राम को ठेका देकर ईंट निकालने का कार्य कराया जा रहा था। तीन दिनों से पुराने जर्जर कुएं से ईंट निकालने का कार्य चल रहा था। उसी बीच मजदूरों ने काम बंद कर जाने की बात कही तो संतोष ने मजदूरों से कहा कि अब तीन मीटर ही बचा है उसे भी निकाल दो। उसी दौरान कुआं धंस गया और सुभाष दब गया।
शनिवार को शव निकलने के बाद मृतक के परिजन मुआवजा के रूप में पांच बीघे जमीन, एक कमरा व दस लाख रुपये मुआवजा की मांग पर अड़ गए। एसपी ग्रामीण, एडीएम ई, एसडीएम राजातालाब ने मृतक के परिजनों को आश्वस्त किया कि उचित मुआवजा शासन से दिलाया जाएगा व आरोपी को जेल भेजा जाएगा। तब जाकर परिजन शांत हुए।
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कुआं धंसने से दबकर हुई मजदूर की दर्दनाक मौत से हर किसी की आंखे नम थी। हर एक की जुबां से बस यहीं निकल रहा था कि कइसे अब घरवा क खर्च चली और कइसे एकरे बचवन क भरण-पोषण पढ़ाई होई। वहीं सुभाष की मौत के बाद बड़ी बेटी रानी बस यही कह रही थी कि पापा तू कहले रहल की संझवा के हमन के चलके कपड़वा दीइयब। पापा हमनी के काहे छोड़के चल गइल। शव से लिपट कर बेटी का रुदन देखकर कई लोगों की आंखे भर आईं। सुभाष का बेटा विश्वजीत रोते हुए कह रहा था कि हमने के, के पढ़ाई-लिखाई हो पापा। बुजुर्ग मां चमेला भी गश खाकर बार-बार गिर जा रही थीं।
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कपरफ ोरवा गांव में संतोष दुबे का पुराना कुआं है। कुएं से ईंट निकालने के लिए सिहोरवा गांव के ही सुभाष राम को ठेका देकर ईंट निकालने का कार्य कराया जा रहा था। तीन दिनों से पुराने जर्जर कुएं से ईंट निकालने का कार्य चल रहा था। उसी बीच मजदूरों ने काम बंद कर जाने की बात कही तो संतोष ने मजदूरों से कहा कि अब तीन मीटर ही बचा है उसे भी निकाल दो। उसी दौरान कुआं धंस गया और सुभाष दब गया।
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शनिवार को शव निकलने के बाद मृतक के परिजन मुआवजा के रूप में पांच बीघे जमीन, एक कमरा व दस लाख रुपये मुआवजा की मांग पर अड़ गए। एसपी ग्रामीण, एडीएम ई, एसडीएम राजातालाब ने मृतक के परिजनों को आश्वस्त किया कि उचित मुआवजा शासन से दिलाया जाएगा व आरोपी को जेल भेजा जाएगा। तब जाकर परिजन शांत हुए।
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कुआं धंसने से दबकर हुई मजदूर की दर्दनाक मौत से हर किसी की आंखे नम थी। हर एक की जुबां से बस यहीं निकल रहा था कि कइसे अब घरवा क खर्च चली और कइसे एकरे बचवन क भरण-पोषण पढ़ाई होई। वहीं सुभाष की मौत के बाद बड़ी बेटी रानी बस यही कह रही थी कि पापा तू कहले रहल की संझवा के हमन के चलके कपड़वा दीइयब। पापा हमनी के काहे छोड़के चल गइल। शव से लिपट कर बेटी का रुदन देखकर कई लोगों की आंखे भर आईं। सुभाष का बेटा विश्वजीत रोते हुए कह रहा था कि हमने के, के पढ़ाई-लिखाई हो पापा। बुजुर्ग मां चमेला भी गश खाकर बार-बार गिर जा रही थीं।