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प्रत्याशी की अनुमति के बिना प्रचार पर हो सकती है जेल
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वाराणसी। प्रत्याशी की अनुमति के बिना चुनाव प्रचार करने वालों के खिलाफ चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई करेगा। इसमें भारतीय दंड संहिता के तहत 171 एच के तहत जेल भी भेजा जा सकता है। हालांकि 10 रुपये तक के प्रचार के लिए इस नियम से छूट दी गई है। इसके अलावा चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों और वाहनों को जीपीएस से लैश किया गया है। मतदान के दौरान ईवीएम का मूवमेंट जीपीएस लगे वाहनों से किया जाएगा।
लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट पर प्रत्याशियों के अधिकतम खर्च की सीमा 70 लाख रुपये निर्धारित है। चुनाव आयोग ऐसे लोगों पर नजर रखेगा जो प्रत्याशी के बिना अनुमति के ही प्रचार अभियान में जुटेंगे। इसमें आयोग को आशंका है कि दूसरे प्रत्याशियों की खर्च सीमा बढ़ाने के लिए कोई भी भारी भरकम खर्च कर चुनाव प्रचार करवा सकता है। हालांकि झंडा, बैनर सहित अन्य चीजों पर 10 रुपये तक खर्च कर प्रचार करने वालों को इस नियम से बाहर रखा गया है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ईवीएम को जीपीएस लगे वाहनों से भेजा जाएगा। यदि किसी कारण वाहन में जीपीएस की सुविधा नहीं है तो उसमें जिस अधिकारी की तैनाती की जाएगी, वह अपने मोबाइल का जीपीएस ऑन रखेगा। फ्लाइंग स्क्वायड सहित अन्य टीमों के वाहन पर भी जीपीएस लगाया गया है ताकि उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा सके।
एक विधानसभा में तीन टीमें सक्रिय
आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में पुलिस स्क्वायड, जनरल स्क्वायड, एक्सपेंडिचर स्क्वायड, फ्लाइंग स्क्वायड सहित अन्य टीमों को गठित किया गया है। विधानसभा क्षेत्रों में नजर रखने के लिए 24 घंटे में तीन टीमों को सक्रिय किया गया है। आठ-आठ घंटे में एक टीम वहां चुनावी गतिविधि पर नजर रखेगी।
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रविकांत गुप्ता बने एक्सेसबिलिटी आर्ब्जवर
दिल्ली में तैनात आईआरएस रविकांत गुप्ता वाराणसी लोकसभा के एक्सेसबिलिटी आर्ब्जवर बनाए गए हैं। इसके अलावा अपर जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
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लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट पर प्रत्याशियों के अधिकतम खर्च की सीमा 70 लाख रुपये निर्धारित है। चुनाव आयोग ऐसे लोगों पर नजर रखेगा जो प्रत्याशी के बिना अनुमति के ही प्रचार अभियान में जुटेंगे। इसमें आयोग को आशंका है कि दूसरे प्रत्याशियों की खर्च सीमा बढ़ाने के लिए कोई भी भारी भरकम खर्च कर चुनाव प्रचार करवा सकता है। हालांकि झंडा, बैनर सहित अन्य चीजों पर 10 रुपये तक खर्च कर प्रचार करने वालों को इस नियम से बाहर रखा गया है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ईवीएम को जीपीएस लगे वाहनों से भेजा जाएगा। यदि किसी कारण वाहन में जीपीएस की सुविधा नहीं है तो उसमें जिस अधिकारी की तैनाती की जाएगी, वह अपने मोबाइल का जीपीएस ऑन रखेगा। फ्लाइंग स्क्वायड सहित अन्य टीमों के वाहन पर भी जीपीएस लगाया गया है ताकि उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा सके।
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एक विधानसभा में तीन टीमें सक्रिय
आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में पुलिस स्क्वायड, जनरल स्क्वायड, एक्सपेंडिचर स्क्वायड, फ्लाइंग स्क्वायड सहित अन्य टीमों को गठित किया गया है। विधानसभा क्षेत्रों में नजर रखने के लिए 24 घंटे में तीन टीमों को सक्रिय किया गया है। आठ-आठ घंटे में एक टीम वहां चुनावी गतिविधि पर नजर रखेगी।
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रविकांत गुप्ता बने एक्सेसबिलिटी आर्ब्जवर
दिल्ली में तैनात आईआरएस रविकांत गुप्ता वाराणसी लोकसभा के एक्सेसबिलिटी आर्ब्जवर बनाए गए हैं। इसके अलावा अपर जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।