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डीरेका स्टेडियम बना फूलों की घाटी
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वाराणसी। डीजल रेल इंजन कारखाना स्टेडियम में बुधवार से दो दिवसीय 38वीं वार्षिक पुष्प एवं सब्जी प्रदर्शनी शुरू हुई। इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर ने फीता काटकर किया। यह प्रदर्शनी 28 फरवरी तक चलेगी।
प्रदर्शनी में परमानेंट प्लांट्स इनपाट, कट एनुअल्स, कट रोजेज, किंग एवं क्वीन ऑफ द शो आदि प्रतियोगिताओं के अंतर्गत सजाए गए गमलों व विविध रंगों के फू लों से सजी प्रदर्शनी फूलों की घाटी सरीखी प्रतीत हो रही है। जहां पीले, केसरिया, बैगनी आदि विविध रंगों के बड़े बड़े डहेलिया पुष्पों के साथ ही तितली के आकार वाली पैंजी, लाल, गुलाबी व सफेद फू लों वाले लिनेरिया, डहेलिया, बिगोनिया, स्टाक, स्ट्राबेरी, आर्नामेंटल कैबीज, बोनसाई, मेडिसिनल, मोहक साल्विया, डेजी, डायमार पोथका, फ्लास्क व रेनुकुलस इत्यादि दर्शकों का मन मोह रहे हैं। वहीं क्रोटन, फ र्न, रबड़ के पौधे तथा पाम की विविध प्रकार की प्रजातियां भी अत्यंत आकर्षक हैं।
इसके अलावा विविध प्रकार की सब्जियों व फू लों की विकसित व उन्नत प्रजातियों के नमूनों को भी प्रदर्शित किया गया है। पुष्पों, कलियों से निर्मित गुलदस्ते, बटन होल तथा टेबल सज्जा के नमूने व शादी मंडप दर्शकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। प्रदर्शनी में व्यक्तिगत प्रतियोगियों के अतिरिक्त मेजबान डीरेका सहित पूर्वोत्तर रेलवे, भारत हैवी इलेक्ट्रीकल लिमिटेड, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, केंद्रीय कारागार, हेरिटेज इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस आदि विभिन्न संस्थान व नर्सरियां सहित कुल 135 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। समापन 28 फरवरी को होगा। प्रदर्शनी दर्शकों के लिए सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक खुली रहेगी।
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किंग ऑफ दि शो (गुलाब का राजा) जिला उद्यान अधिकारी वाराणसी के प्रदर्शित लेडीयस प्रजाति के गुलाब को और क्वीन ऑफ द शो (गुलाब की रानी) कुल सचिव काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सुप्रिया प्रजाति के गुलाब को दिया गया। इसके अलावा मेसर्स अवध कंस्ट्रक्शन के प्रदर्शित शादी का मंडप को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। मुख्य अतिथि प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर ने निर्णायकों को स्मृति चिह्न प्रदान किया।
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प्रदर्शनी में परमानेंट प्लांट्स इनपाट, कट एनुअल्स, कट रोजेज, किंग एवं क्वीन ऑफ द शो आदि प्रतियोगिताओं के अंतर्गत सजाए गए गमलों व विविध रंगों के फू लों से सजी प्रदर्शनी फूलों की घाटी सरीखी प्रतीत हो रही है। जहां पीले, केसरिया, बैगनी आदि विविध रंगों के बड़े बड़े डहेलिया पुष्पों के साथ ही तितली के आकार वाली पैंजी, लाल, गुलाबी व सफेद फू लों वाले लिनेरिया, डहेलिया, बिगोनिया, स्टाक, स्ट्राबेरी, आर्नामेंटल कैबीज, बोनसाई, मेडिसिनल, मोहक साल्विया, डेजी, डायमार पोथका, फ्लास्क व रेनुकुलस इत्यादि दर्शकों का मन मोह रहे हैं। वहीं क्रोटन, फ र्न, रबड़ के पौधे तथा पाम की विविध प्रकार की प्रजातियां भी अत्यंत आकर्षक हैं।
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इसके अलावा विविध प्रकार की सब्जियों व फू लों की विकसित व उन्नत प्रजातियों के नमूनों को भी प्रदर्शित किया गया है। पुष्पों, कलियों से निर्मित गुलदस्ते, बटन होल तथा टेबल सज्जा के नमूने व शादी मंडप दर्शकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। प्रदर्शनी में व्यक्तिगत प्रतियोगियों के अतिरिक्त मेजबान डीरेका सहित पूर्वोत्तर रेलवे, भारत हैवी इलेक्ट्रीकल लिमिटेड, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, केंद्रीय कारागार, हेरिटेज इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस आदि विभिन्न संस्थान व नर्सरियां सहित कुल 135 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। समापन 28 फरवरी को होगा। प्रदर्शनी दर्शकों के लिए सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक खुली रहेगी।
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किंग ऑफ दि शो (गुलाब का राजा) जिला उद्यान अधिकारी वाराणसी के प्रदर्शित लेडीयस प्रजाति के गुलाब को और क्वीन ऑफ द शो (गुलाब की रानी) कुल सचिव काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सुप्रिया प्रजाति के गुलाब को दिया गया। इसके अलावा मेसर्स अवध कंस्ट्रक्शन के प्रदर्शित शादी का मंडप को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। मुख्य अतिथि प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर ने निर्णायकों को स्मृति चिह्न प्रदान किया।