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35 दिन में पूरा करना है चार महीने का काम
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:56 AM IST
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वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में अब केवल 35 दिन बचे हैं और कई काम अधर में हैं। अब तक प्रवासियों के ठहरने वाले मुहल्लों की सूरत बदलनी तो दूर मुख्य सड़कों को भी पूरी तरह से दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। इसके अलावा यातायात प्रबंधन और सुरक्षा पर भी अब तक प्रभावी काम नहीं किया गया है। हालांकि 22 दिसंबर के विदेश मंत्री के आगमन की सूचना के बाद व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में प्रशासन जुटा है। माना जा रहा है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तैयारियों की समीक्षा के बाद शहर का भ्रमण कर मौके की स्थिति भी देखेंगी।
21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी सम्मेलन में प्रशासनिक स्तर पर बैठकों का दौर चल रहा है, मगर जमीनी स्तर पर काम अब तक मूर्त रूप नहीं ले पाया है। अधिकारियों ने दावा किया था कि प्रवासियों के ठहरने वाले मुहल्लों की सूरत भी बदली जाएगी। करीब 800 मकानों को प्रवासियों को ठहरने के लिए चिन्हित किया गया है, मगर यहां सड़क, सुरक्षा और सुंदरता के लिए काम नहीं शुरू किया गया। ऐसे ही ठेकेदार की लापरवाही के चलते महमूरगंज सिगरा मार्ग भी अब तक खुदा हुआ है और सीवर लाइन कनेक्शन को सही ढंग से नहीं जुड़ने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध है। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या से निजात के लिए चौड़ीकरण की योजना तो बनी, मगर उसके लिए कार्यदायी संस्था का चयन नहीं किया जा सका है।
फसाड और फोकस लाइटिंग का काम नहीं
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले घाटों और शहर में फसाड और फोकस लाइटिंग का किया जाना था। इसके लिए शासन स्तर से बजट भी जारी हो गया है। मगर, अब तक यह काम चल रहा है।
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लाइट एंड साउंड शो भी अधूरा
सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत होनी है, मगर यह काम अधूरा पड़ा है। अब तक ना तो इसकी पूरी फिल्म तैयार है और ना ही इसका वाइस ओवर कराया जा सका है।
सभी विभागों के कामों की प्रतिदिन की रिपोर्ट ली जा रही है। 30 दिसंबर तक सड़क, सुरक्षा, लाइटिंग सहित अन्य काम पूरे करा लिए जाएंगे। सफाई अभियान के लिए भी कार्ययोजना बनी है।
सुरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
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21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी सम्मेलन में प्रशासनिक स्तर पर बैठकों का दौर चल रहा है, मगर जमीनी स्तर पर काम अब तक मूर्त रूप नहीं ले पाया है। अधिकारियों ने दावा किया था कि प्रवासियों के ठहरने वाले मुहल्लों की सूरत भी बदली जाएगी। करीब 800 मकानों को प्रवासियों को ठहरने के लिए चिन्हित किया गया है, मगर यहां सड़क, सुरक्षा और सुंदरता के लिए काम नहीं शुरू किया गया। ऐसे ही ठेकेदार की लापरवाही के चलते महमूरगंज सिगरा मार्ग भी अब तक खुदा हुआ है और सीवर लाइन कनेक्शन को सही ढंग से नहीं जुड़ने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध है। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या से निजात के लिए चौड़ीकरण की योजना तो बनी, मगर उसके लिए कार्यदायी संस्था का चयन नहीं किया जा सका है।
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फसाड और फोकस लाइटिंग का काम नहीं
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले घाटों और शहर में फसाड और फोकस लाइटिंग का किया जाना था। इसके लिए शासन स्तर से बजट भी जारी हो गया है। मगर, अब तक यह काम चल रहा है।
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लाइट एंड साउंड शो भी अधूरा
सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत होनी है, मगर यह काम अधूरा पड़ा है। अब तक ना तो इसकी पूरी फिल्म तैयार है और ना ही इसका वाइस ओवर कराया जा सका है।
सभी विभागों के कामों की प्रतिदिन की रिपोर्ट ली जा रही है। 30 दिसंबर तक सड़क, सुरक्षा, लाइटिंग सहित अन्य काम पूरे करा लिए जाएंगे। सफाई अभियान के लिए भी कार्ययोजना बनी है।
सुरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी