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आज घर-घर विराजेंगी शक्ति स्वरुपा
Updated Wed, 10 Oct 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। शारदीय नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहा है। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री देवी का दर्शन-पूजन किया जाएगा। इस बार नवरात्र में घट स्थापना का मुहूर्त सुबह छह बजकर 22 मिनट से शुरू होकर सात बजकर 25 मिनट और मध्याह्न 11 बजकर 36 मिनट से लेकर 12 बजकर 24 मिनट तक है।
पूजा पंडालों में स्थापित की जाने वाली माता की प्रतिमाओं का स्थापना सप्तमी तिथि में की जाएगी। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया इस बार सप्तमी तिथि 15 अक्तूबर सोमवार को प्रात: 8.36 बजे से लग जाएगी, जो कि 16 अक्तूबर मंगलवार दिन में 10.30 बजे तक रहेगी। अत: पूजा पंडालों में देवी की मूर्तियों की स्थापना 16 अक्तूबर मंगलवार को ही होगी। अष्टमी का व्रत 17 अक्तूबर बुधवार को किया जाएगा। महानवमी 18 अक्तूबर गुरुवार को दिन में 2.31 तक है। नवरात्र व्रत का पारण दशमी तिथि में दोपहर ढाई बजे के बाद कर लिया जाएगा।
मंदिरों में की गई सजावट
नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी हो गई है। इसको लेकर शहर के दुर्गाकुंड स्थित मां कूष्मांडा के मंदिर सहित सभी छोटे-बड़े मंदिरों को बिजली के झालरों और फूलों से भव्य सजावट की गई है। वहीं, पहले दिन जगह-जगह, घरों, पूजा पंडालों में घट स्थापना की जाएगी। इसके बाद मां का पूजन अर्चन करेंगे। कई जगहों पर रात्रि जागरण व दुर्गा सप्तशती के पाठ आयोजन होगा। इस नवरात्रि को देखते हुए सभी देवी मंदिरों के आसपास माला-फूल, चुनरी, नारियल की दुकानें सज गई हैं।
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पूजा पंडालों में स्थापित की जाने वाली माता की प्रतिमाओं का स्थापना सप्तमी तिथि में की जाएगी। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया इस बार सप्तमी तिथि 15 अक्तूबर सोमवार को प्रात: 8.36 बजे से लग जाएगी, जो कि 16 अक्तूबर मंगलवार दिन में 10.30 बजे तक रहेगी। अत: पूजा पंडालों में देवी की मूर्तियों की स्थापना 16 अक्तूबर मंगलवार को ही होगी। अष्टमी का व्रत 17 अक्तूबर बुधवार को किया जाएगा। महानवमी 18 अक्तूबर गुरुवार को दिन में 2.31 तक है। नवरात्र व्रत का पारण दशमी तिथि में दोपहर ढाई बजे के बाद कर लिया जाएगा।
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मंदिरों में की गई सजावट
नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी हो गई है। इसको लेकर शहर के दुर्गाकुंड स्थित मां कूष्मांडा के मंदिर सहित सभी छोटे-बड़े मंदिरों को बिजली के झालरों और फूलों से भव्य सजावट की गई है। वहीं, पहले दिन जगह-जगह, घरों, पूजा पंडालों में घट स्थापना की जाएगी। इसके बाद मां का पूजन अर्चन करेंगे। कई जगहों पर रात्रि जागरण व दुर्गा सप्तशती के पाठ आयोजन होगा। इस नवरात्रि को देखते हुए सभी देवी मंदिरों के आसपास माला-फूल, चुनरी, नारियल की दुकानें सज गई हैं।
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