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कोनिया क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:24 AM IST
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सीतामढ़ी। जनपद के कोनिया क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। क्षेत्र के हैंडपंपों से खतरनाक रसायनों से दूषित पानी निकल रहा है तो जल निगम की इटहरा पेयजल इकाई दो वर्षों से बंद है। इससे क्षेत्र की जनता पेयजल की समस्या से जूझ रही है।
अरई गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजू सिंह का कहना है कि क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की गंभीर समस्या है। पूरे क्षेत्र के गांवों में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इटहरा गांव निवासी कमलाशंकर मिश्रा का कहना है कि कोनिया के लोग पेयजल में मिले मीठे जहर को पीने को मजबूर हैं। बताया कि हैंडपंपों से निकलने वाला पानी थोड़ी ही देर में रंग बदल कर पीला और दुर्गंधयुक्त हो जाता है। समूह पेयजल योजना दो साल से बंद है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। डीघ के माताचरन तिवारी नंघू ने बताया कि एक दशक पूर्व हैंडपंपों के पानी की जांच में आर्सेनिक और आयरन की पुष्टि हुई थी। हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है। सीतामढ़ी के दुबई पांडेय कहते हैं कि धार्मिक स्थली में स्वच्छ पेयजल का कोई साधन नहीं है। गर्मी के दिनों में तो हालात काफी बदतर हो जाते हैं। डीघ के अजय सिंह चौहान, कलातुलसी के छोटेलाल शुक्ल, छेछुआ के अमर बहादुर सिंह, भुर्रा के अवधराज सिंह, नारेेपार के बसंतलाल गौड़ ने प्रशासन से पेयजल समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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अरई गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजू सिंह का कहना है कि क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की गंभीर समस्या है। पूरे क्षेत्र के गांवों में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इटहरा गांव निवासी कमलाशंकर मिश्रा का कहना है कि कोनिया के लोग पेयजल में मिले मीठे जहर को पीने को मजबूर हैं। बताया कि हैंडपंपों से निकलने वाला पानी थोड़ी ही देर में रंग बदल कर पीला और दुर्गंधयुक्त हो जाता है। समूह पेयजल योजना दो साल से बंद है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। डीघ के माताचरन तिवारी नंघू ने बताया कि एक दशक पूर्व हैंडपंपों के पानी की जांच में आर्सेनिक और आयरन की पुष्टि हुई थी। हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है। सीतामढ़ी के दुबई पांडेय कहते हैं कि धार्मिक स्थली में स्वच्छ पेयजल का कोई साधन नहीं है। गर्मी के दिनों में तो हालात काफी बदतर हो जाते हैं। डीघ के अजय सिंह चौहान, कलातुलसी के छोटेलाल शुक्ल, छेछुआ के अमर बहादुर सिंह, भुर्रा के अवधराज सिंह, नारेेपार के बसंतलाल गौड़ ने प्रशासन से पेयजल समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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