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भक्तों के जयघोष से गूंजा मां का दरबार
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। वंदे वांछित लाभाय चंद्रार्धकृत शेखराम्, जपमाला कमण्डलु धरा ब्रह्मचारिणी शुभाम्...के वैदिक मंत्रों के मां के दूसरे स्वरूप की आराधना की गई। वासंतिक नवरात्र के दूसरे दिन चौक क्षेत्र के काशीपुरा मोहल्ले में स्थित ज्येष्ठा गौरी का दरबार भक्तों के जयघोष से गूंजता रहा। तड़के सुबह से शुरु हुआ मां ज्येष्ठा गौरी के दर्शनों का यह सिलसिला देर रात तक अनवरत जारी रहा। मां के दरबार में भक्तों ने माला, फू ल, नारियल, चुनरी, भोग, सिंदूर अर्पित कर सुख समृद्धि की कामना की। दर्शन पूजन के दौरान मंदिरों के आस पास तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
नवरात्र की द्वितीया पर भोर में मां ज्येष्ठा गौरी को दूध दही, घी, इत्र, गुलाबजल, गंगाजल आदि से पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद मां की प्रतिमा को नूतन वस्त्र धारण कराया गया। मां का भव्य शृंगार करने के बाद देवी की अलौकिक आभा देखते ही बन रही थी। इसके बाद देवी की आरती उतारी। आम भक्तों के लिए माता के कपाट खोल दिए गए। देवी की आरती और पंचामृत लेने के लिए भक्तों में होड़ लगी रही। मां के मन्दिर की भव्य सजावट की गई थी। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती की गई थी।
वहीं दूसरी ओर ब्रह्मा घाट स्थित ब्रह्मचारिणी देवी के दर्शनों के लिए भी भक्तों की कतार लगी रही। भोर में 4.30 बजे देवी का विधिवत पंचामृत स्नान हुआ दूध, घी, गुलाबजल, विविध प्रकार के इत्र, गुलाबजल, केवड़ाजल, पंचमेवा से देवी का अभिषेक किया गया। देवी की मंगला आरती में भक्तों की भीड़ लगी रही। पूरा परिसर देवी के जय घोष से गूंजता रहा और आरती के पश्चात भक्त पंचामृत और आरती लेकर निहाल हो गए। इसके बाद दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा ।
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नवरात्र की द्वितीया पर भोर में मां ज्येष्ठा गौरी को दूध दही, घी, इत्र, गुलाबजल, गंगाजल आदि से पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद मां की प्रतिमा को नूतन वस्त्र धारण कराया गया। मां का भव्य शृंगार करने के बाद देवी की अलौकिक आभा देखते ही बन रही थी। इसके बाद देवी की आरती उतारी। आम भक्तों के लिए माता के कपाट खोल दिए गए। देवी की आरती और पंचामृत लेने के लिए भक्तों में होड़ लगी रही। मां के मन्दिर की भव्य सजावट की गई थी। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती की गई थी।
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वहीं दूसरी ओर ब्रह्मा घाट स्थित ब्रह्मचारिणी देवी के दर्शनों के लिए भी भक्तों की कतार लगी रही। भोर में 4.30 बजे देवी का विधिवत पंचामृत स्नान हुआ दूध, घी, गुलाबजल, विविध प्रकार के इत्र, गुलाबजल, केवड़ाजल, पंचमेवा से देवी का अभिषेक किया गया। देवी की मंगला आरती में भक्तों की भीड़ लगी रही। पूरा परिसर देवी के जय घोष से गूंजता रहा और आरती के पश्चात भक्त पंचामृत और आरती लेकर निहाल हो गए। इसके बाद दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा ।
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