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प्रदेश में14 और इनमें से बनारस में खुलेंगे सात पशु सेवा केंद्र 00
Updated Mon, 26 Feb 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। प्रदेश के पशुधन, लघु सिंचाई, मत्स्य विभाग के मंत्री एसपी बघेल ने कहा कि गौ वध रोकने के नियम को लागू करने से सांड़ व बछड़ों की संख्या बढ़ी है। इससे थोड़ा फसलों को नुकसान हुआ है। इससे निबटने के लिए प्रदेश सरकार सेक्स सार्टेड वीर्य केंद्र की स्थापना 50 करोड़ की लागत से स्थापित कर रही है। यह ऐसी तकनीक है जिसके वीर्य से गायों का कृत्रिम गर्भाधान होगा। इससे 90 प्रतिशत बछिया पैदा होगी। इससे बछड़ों की संख्या कम होगी। मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में 14 पशु सेवा केंद्र खोले जाएंगे। इनमें से सात बनारस में होंगे।
तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय कृषि मेला का समापन रविवार को बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में हुआ। इसके मुख्य अतिथि मंत्री ने कहा कि कृषि में मधु मक्खी पालन, जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, फल- फूलों की खेती, मत्स्य पालन के माध्यम से कम जोत एवं कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर 2022 तक कृषि से आय दुगुनी करने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि ने कृषि स्मारिका, मधुमक्खी पालन दिग्दर्शिका एवं भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्पादित शहद जिसका नाम काशी शहद है का विमोचन किया गया। इसके साथ सहजन सूप एवं हरा मिर्च पाउडर का भी विमोचन किया।
इसके पूर्व भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. बिजेंद्र सिंह ने किसानों व अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने किसानों को ’फार्मर प्रोड्यूसर आर्गनाजेशन’ बनाने की योजना को अपनाने की सलाह दी। कृषि प्रदर्शनी की सहायता से किसानों को बीज व अन्य कृषि सामग्री बांटी गई। इस मौके पर विधायक रवींद्र जायसवाल, डा. एएन सिंह, डा. वीवी सिंह, डा. एबी राय, डा. जगदीश सिंह, डा. पीएम सिंह शामिल रहे। धन्यवाद ज्ञापन डा. एबी राय ने किया।
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तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय कृषि मेला का समापन रविवार को बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में हुआ। इसके मुख्य अतिथि मंत्री ने कहा कि कृषि में मधु मक्खी पालन, जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, फल- फूलों की खेती, मत्स्य पालन के माध्यम से कम जोत एवं कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर 2022 तक कृषि से आय दुगुनी करने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि ने कृषि स्मारिका, मधुमक्खी पालन दिग्दर्शिका एवं भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्पादित शहद जिसका नाम काशी शहद है का विमोचन किया गया। इसके साथ सहजन सूप एवं हरा मिर्च पाउडर का भी विमोचन किया।
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इसके पूर्व भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. बिजेंद्र सिंह ने किसानों व अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने किसानों को ’फार्मर प्रोड्यूसर आर्गनाजेशन’ बनाने की योजना को अपनाने की सलाह दी। कृषि प्रदर्शनी की सहायता से किसानों को बीज व अन्य कृषि सामग्री बांटी गई। इस मौके पर विधायक रवींद्र जायसवाल, डा. एएन सिंह, डा. वीवी सिंह, डा. एबी राय, डा. जगदीश सिंह, डा. पीएम सिंह शामिल रहे। धन्यवाद ज्ञापन डा. एबी राय ने किया।
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