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अब कैमरे की निगरानी में चलेंगी ट्रेनें
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:13 AM IST
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वाराणसी। कैमरा और माइक वाले रेल इंजन जल्द ही ट्रैक पर होंगे। लोको कैब वीडियो एंड वाइस रिकॉर्डिंग सिस्टम से लैस रेल इंजन बनाने के लिए डीरेका ने कदम बढ़ाए हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यहां 12 ऐसे इंजन तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें वीडियो और वाइस रिकॉर्डिंग के जरिए निगरानी को और पुख्ता बनाया जाएगा। इसके जरिए रेल दुर्घटना के कारणों को समझने और पायलट की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
डिजाइन और टेंडर प्रकिया को हरी झंडी मिलने के बाद रेल इंजनों में लगाने के लिए कैमरे और माइक की खेप डीरेका में पहुंचनी शुरू हो गई है। ट्रेन परिचालन को सुरक्षित बनाने के लिए एक रेल इंजन में छह अत्याधुनिक वीडियो कैमरे लगेंगे जो रात हो या दिन फोटो-वीडियो बनाने में सक्षम होंगे। पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में 12 और दूसरे चरण में ऐसे 13 डीजल रेल इंजन बनाए जाएंगे। प्रत्येक पर लगभग 3.2 लाख रुपये की अतिरिक्त लागत आएगी। इससे कोहरे में ट्रेनों के परिचालन में भी मदद मिलेगी। रेलवे की तैयारी भविष्य में लोको कैब वीडियो एंड वाइस रिकॉर्डिंग सिस्टम को सर्वर के जरिए लोको कंट्रोल कंप्यूटर से जोड़ने की है। उसके बाद इनकी ऑनलाइन निगरानी शुरू हो जाएगी। उपमहाप्रबंधक नितिन मेहरोत्रा ने बताया कि डिजाइन को हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही इस पायलट प्रोजेक्ट को मूर्तरूप दिया जाएगा।
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डिजाइन और टेंडर प्रकिया को हरी झंडी मिलने के बाद रेल इंजनों में लगाने के लिए कैमरे और माइक की खेप डीरेका में पहुंचनी शुरू हो गई है। ट्रेन परिचालन को सुरक्षित बनाने के लिए एक रेल इंजन में छह अत्याधुनिक वीडियो कैमरे लगेंगे जो रात हो या दिन फोटो-वीडियो बनाने में सक्षम होंगे। पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में 12 और दूसरे चरण में ऐसे 13 डीजल रेल इंजन बनाए जाएंगे। प्रत्येक पर लगभग 3.2 लाख रुपये की अतिरिक्त लागत आएगी। इससे कोहरे में ट्रेनों के परिचालन में भी मदद मिलेगी। रेलवे की तैयारी भविष्य में लोको कैब वीडियो एंड वाइस रिकॉर्डिंग सिस्टम को सर्वर के जरिए लोको कंट्रोल कंप्यूटर से जोड़ने की है। उसके बाद इनकी ऑनलाइन निगरानी शुरू हो जाएगी। उपमहाप्रबंधक नितिन मेहरोत्रा ने बताया कि डिजाइन को हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही इस पायलट प्रोजेक्ट को मूर्तरूप दिया जाएगा।
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