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...तो इस गर्मी में भी नहीं बुझेगी काशीवासियों की प्यास
Updated Tue, 26 Dec 2017 02:17 AM IST
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वाराणसी। शहरियों को शुद्ध और साफ पीने का पानी मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर नगर विकास मंत्री की हिदायत और जल निगम के अधिशासी अभियंता को निलंबित करने के बाद भी काशीवासियों की इस गर्मी में भी प्यास बुझने वाली नहीं है। न तो उन्हें भरपूर पानी मिलने के आसार दिखाई दे रहे हैं और न ही समय पर काम पूरा हो पाएगा। वजह, बिछाई गई पेयजल पाइप और ओवरहेड टैंक की टेस्टिंग का काम ही अधूरा है। जल निगम के अधिकारियों का दावा है कि 35 फीसदी टेस्टिंग बाकी इसे निर्धारित समय तक पूरा कर लिया जाएगा लेकिन विभाग की कछुआ चाल से योजना को समय पर पूरा हो पाना मुश्किल हे।
नगर विकास मंत्री के कड़े तेवर और कार्रवाई के बाद से जल निगम में हड़कंप मचा है लेकिन समय पर काम पूरा हो पाएगा ऐसा नजर नहीं आ रहा है। गौरतलब है कि जेएनएनयूआरएम के तहत वर्ष 2010 में पेयजल योजना की शुरूआत हुई। विभागीय लापरवाही में जो काम 2012 तक पूरा होना था वह सात साल बाद भी अधूरा है। जल निगम ने शहरभर में 694 किमी मेन पेयजल पाइप बिछाई गई है। तकरीबन 40 ओवरहेड टैंक बनाए गए है। इसमें पुराने बनारस के 16 और वरुणापार में 10 ओवरहेड टैंक चालू कर दिए गए हैं। मगर इतनी हिदायत और चेतावनी केबाद भी अभी टेस्टिंग का काम बाकी है।
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नगर विकास मंत्री के कड़े तेवर और कार्रवाई के बाद से जल निगम में हड़कंप मचा है लेकिन समय पर काम पूरा हो पाएगा ऐसा नजर नहीं आ रहा है। गौरतलब है कि जेएनएनयूआरएम के तहत वर्ष 2010 में पेयजल योजना की शुरूआत हुई। विभागीय लापरवाही में जो काम 2012 तक पूरा होना था वह सात साल बाद भी अधूरा है। जल निगम ने शहरभर में 694 किमी मेन पेयजल पाइप बिछाई गई है। तकरीबन 40 ओवरहेड टैंक बनाए गए है। इसमें पुराने बनारस के 16 और वरुणापार में 10 ओवरहेड टैंक चालू कर दिए गए हैं। मगर इतनी हिदायत और चेतावनी केबाद भी अभी टेस्टिंग का काम बाकी है।
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