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विवि से महाविद्यालयों तक अनियमितताएं
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:54 AM IST
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में पिछले डेढ़ महीने के दौरान हुए सभी कार्यों की जांच की जाएगी। इस मामले में 11 बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई है। विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालयों तक में अनियमितताएं हुई हैं। सबसे ज्यादा अनियमितता नियुक्तियों में हुई है। गुरुवार को पुन: पदभार संभालने के बाद कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने तीन सौ फाइलों को अनियमितता में रोका था। इस दौरान उनकी अनुपस्थिति में उन सभी का निस्तारण कर दिया गया है। धारा 8 के तहत इस मामले को शासन स्वत: संज्ञान में लेकर मामले की जांच कर रहा है। इस जांच की जद में कुलपति, कुलसचिव समेत कई अधिकारी और महाविद्यालयों के कर्मचारी आ सकते हैं। मालूम हो कि कुलपति ने डेढ़ माह पूर्व कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी को हटाकर प्रो. सुधाकर मिश्र को पद सौंप दिया था। कुलसचिव ने नियुक्ति के मामले में कुलपति को नए परिनियम के हिसाब से नियुक्तियां करने की सलाह दी थी। बावजूद इसके विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों पर पुराने नियम से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसके विरोध में अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों ने 27 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था। अंतत: राजभवन के हस्तक्षेप के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को रोकना पड़ा था। अब डेढ़ महीने के बाद प्रभाष द्विवेदी को पुन: कुलसचिव बनाया गया है।
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उन्होंने बताया कि पिछले दिनों अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने तीन सौ फाइलों को अनियमितता में रोका था। इस दौरान उनकी अनुपस्थिति में उन सभी का निस्तारण कर दिया गया है। धारा 8 के तहत इस मामले को शासन स्वत: संज्ञान में लेकर मामले की जांच कर रहा है। इस जांच की जद में कुलपति, कुलसचिव समेत कई अधिकारी और महाविद्यालयों के कर्मचारी आ सकते हैं। मालूम हो कि कुलपति ने डेढ़ माह पूर्व कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी को हटाकर प्रो. सुधाकर मिश्र को पद सौंप दिया था। कुलसचिव ने नियुक्ति के मामले में कुलपति को नए परिनियम के हिसाब से नियुक्तियां करने की सलाह दी थी। बावजूद इसके विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों पर पुराने नियम से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसके विरोध में अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों ने 27 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था। अंतत: राजभवन के हस्तक्षेप के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को रोकना पड़ा था। अब डेढ़ महीने के बाद प्रभाष द्विवेदी को पुन: कुलसचिव बनाया गया है।
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