{"_id":"59f240d04f1c1bf3538b9792","slug":"11509048528-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन होंगे दो नवंबर से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन होंगे दो नवंबर से
Updated Fri, 27 Oct 2017 01:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन सारनाथ महाबोधि मूलगंध कुटी विहार स्थित बुद्ध मंदिर में दो से चार नवंबर तक होगा। इसके साथ ही विश्वशांति के लिए प्रार्थना के साथ दीप जलाए जाएंगे। मूलगंध कुटी विहार के 86वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर भगवान बुद्ध की तपस्थली में विविध आयोजन किए जाएंगे। यह जानकारी मूलगंध कुटी विहार के विहाराधिपति भिक्षु के मेधांकर थेरो ने गुरुवार को पत्रकारवार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि तीन दिनों के लिए भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मूलगंध कुटी विहार में रखा जाएगा। चार नवंबर को पवित्र अस्थि अवशेषों की शोभा यात्रा मूलगंध कुटी विहार से निकाली जाएगी। इस दौरान विभिन्न देशों से दर्शनार्थियों के आने की संभावना है। वार्षिकोत्सव के अवसर पर सात दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 30 अक्तूबर से पांच नवंबर तक विविध आयोजन होंगे। 31 अक्तूबर को बौद्ध दर्शन एवं पाली पर आधारित दो दिवसीय सेमिनार, एक से दो नवंबर को मूलगंध कुटी विहार में चीवर पूजा एवं महासंघ दान का आयोजन किया जाएगा। एक नवंबर से बोधि वृक्ष के समीप महापरित्राण पाठ होगा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर धमेख स्तूप, बोधि वृक्ष, मूलगंध कुटी विहार सहित पूरे सारनाथ क्षेत्र को विद्युल झालरों व पंचशील झंडों से सजाया जाएगा। चार नवंबर को धर्म सभा का आयोजन किया गया है।
महाबोधि विद्यालय का 84वां वार्षिकोत्सव पांच नवंबर को आयोजित किया गया है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. चंद्रकला पाडिया, अध्यक्ष शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक अजय कुमार द्विवेदी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी राय होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि तीन दिनों के लिए भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मूलगंध कुटी विहार में रखा जाएगा। चार नवंबर को पवित्र अस्थि अवशेषों की शोभा यात्रा मूलगंध कुटी विहार से निकाली जाएगी। इस दौरान विभिन्न देशों से दर्शनार्थियों के आने की संभावना है। वार्षिकोत्सव के अवसर पर सात दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 30 अक्तूबर से पांच नवंबर तक विविध आयोजन होंगे। 31 अक्तूबर को बौद्ध दर्शन एवं पाली पर आधारित दो दिवसीय सेमिनार, एक से दो नवंबर को मूलगंध कुटी विहार में चीवर पूजा एवं महासंघ दान का आयोजन किया जाएगा। एक नवंबर से बोधि वृक्ष के समीप महापरित्राण पाठ होगा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर धमेख स्तूप, बोधि वृक्ष, मूलगंध कुटी विहार सहित पूरे सारनाथ क्षेत्र को विद्युल झालरों व पंचशील झंडों से सजाया जाएगा। चार नवंबर को धर्म सभा का आयोजन किया गया है।
विज्ञापन
महाबोधि विद्यालय का 84वां वार्षिकोत्सव पांच नवंबर को आयोजित किया गया है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. चंद्रकला पाडिया, अध्यक्ष शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक अजय कुमार द्विवेदी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी राय होंगे।
विज्ञापन