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जनता से जाना सफाई का सच
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:35 AM IST
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वाराणसी। शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने आए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। गुरुवार रात निरीक्षण के बाद शुक्रवार सुबह से लेकर शाम तक सफाई का सच देखा। खुद जनता से रूबरू हुए। नागरिकों और दुकानदारों से सफाई के बाबत जानकारी ली। कई इलाकों में जगह-जगह कूड़ा फैलने और उसका समय उठान नहीं होने पर नाराजगी जताई।
जनता से फीडबैक लेने के बाद नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही और तहसीलदार अविनाश कुमार से दो टूक कहा कि वे क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाएं। सफाई के लिए तैनात कंपनियों इकोपाल, कियाना और आईएलएफएस पर पैनी नजर रखेें। कंपनियों के कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर तैयार कराएं और चेक करें। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करें। सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नागरिकों ने शिकायत की कि सफाई कर्मचारी कभी सुबह सात बजे तो कभी नौ बजे आते हैं। इससे कूड़ा पड़ा रहता है। संयुक्त सचिव सुबह सबसे पहले सिकरौल सफाई चौकी पहुंचे। इसके बाद आदमपुर कूड़ा घर गए। वहां से कोनिया और पठानीटोला में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन देखा। लोगों ने बताया कि सफाईकर्मी समय से कूड़ा उठाने नहीं आते। वहां से भवनिया पोखरी कूड़ा निस्तारण केंद्र और शंकुलधारा पोखरे का अवलोकन किया। बसंता कॉलेज राजघाट, होटल ताज और तिब्बती संस्थान के परिसर में ही कचरा निस्तारण की व्यवस्था देखी।
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जनता से फीडबैक लेने के बाद नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही और तहसीलदार अविनाश कुमार से दो टूक कहा कि वे क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाएं। सफाई के लिए तैनात कंपनियों इकोपाल, कियाना और आईएलएफएस पर पैनी नजर रखेें। कंपनियों के कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर तैयार कराएं और चेक करें। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करें। सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान नागरिकों ने शिकायत की कि सफाई कर्मचारी कभी सुबह सात बजे तो कभी नौ बजे आते हैं। इससे कूड़ा पड़ा रहता है। संयुक्त सचिव सुबह सबसे पहले सिकरौल सफाई चौकी पहुंचे। इसके बाद आदमपुर कूड़ा घर गए। वहां से कोनिया और पठानीटोला में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन देखा। लोगों ने बताया कि सफाईकर्मी समय से कूड़ा उठाने नहीं आते। वहां से भवनिया पोखरी कूड़ा निस्तारण केंद्र और शंकुलधारा पोखरे का अवलोकन किया। बसंता कॉलेज राजघाट, होटल ताज और तिब्बती संस्थान के परिसर में ही कचरा निस्तारण की व्यवस्था देखी।
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