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जीएसटी के नए फरमान ने बढ़ाई मुश्किलें
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वाराणसी। जीएसटी के नए फरमान ने व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं जिसको लेकर व्यापारियों में रोष है। अगर गड़बड़ी के चलते कारोबारियों का माल दूसरे प्रांतों में पकड़ लिया जाता है तो उसे छुड़ाने, यहां तक की अपील करने के लिए वहीं जाना होगा। जीएसटी काउंसिल ने नए संशोधन के तहत यह जारी किया है कि अगर शहर के किसी व्यापारी का माल दिल्ली या फि र आगरा में पकड़ा जाता है तो उसे वहीं अपील करनी होगी। सुनवाई के लिए तय तिथियों में कारोबारी को वहां जाना पड़ेगा। इसको लेकर व्यापारियों में आक्रोश है।
उनका कहना है कि इससे कारोबारी का अधिक समय लगेगा और उसे ज्यादा पैसे भी खर्च करने होंगे। करखियांव एग्रो इंडस्ट्री के महामंत्री मनोज मद्धेशिया का कहना है कि नोटिस को लेकर हमेशा विभाग के चक्कर लगाने ही पड़ते हैं। जीएसटी काउंसिल के नए प्रावधान के तहत व्यापारियों को और भी अधिक भागदौड़ करना होगा। जबकि पहले अगर किसी भी कारोबारी का माल वाणिज्यकर विभाग पकड़ता था तो उसका माल मंडलीय कार्यालय के संबंधित खंड में भेज दिया जाता था। खंड स्तर से नोटिस जारी होने पर उसे माल को रिलीज कराने के लिए मंडलीय कार्यालय में अपील करनी पड़ती थी। जहां सुनवाई होने पर जुर्माना अथवा टैक्स जमा करा के माल छोड़ दिया जाता था। अब जीएसटी काउंसिल ने प्रावधान को और भी कठिन कर दिया है। इसको लेकर प्रतीक गुप्ता, रोहन केसरी आदि ने भी नाराजगी जताई।
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उनका कहना है कि इससे कारोबारी का अधिक समय लगेगा और उसे ज्यादा पैसे भी खर्च करने होंगे। करखियांव एग्रो इंडस्ट्री के महामंत्री मनोज मद्धेशिया का कहना है कि नोटिस को लेकर हमेशा विभाग के चक्कर लगाने ही पड़ते हैं। जीएसटी काउंसिल के नए प्रावधान के तहत व्यापारियों को और भी अधिक भागदौड़ करना होगा। जबकि पहले अगर किसी भी कारोबारी का माल वाणिज्यकर विभाग पकड़ता था तो उसका माल मंडलीय कार्यालय के संबंधित खंड में भेज दिया जाता था। खंड स्तर से नोटिस जारी होने पर उसे माल को रिलीज कराने के लिए मंडलीय कार्यालय में अपील करनी पड़ती थी। जहां सुनवाई होने पर जुर्माना अथवा टैक्स जमा करा के माल छोड़ दिया जाता था। अब जीएसटी काउंसिल ने प्रावधान को और भी कठिन कर दिया है। इसको लेकर प्रतीक गुप्ता, रोहन केसरी आदि ने भी नाराजगी जताई।
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