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नहीं रुका उत्पीड़न तो फैक्ट्रियां बंद कर सौंप देंगे चाबी
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वाराणसी। मंडी उपनिदेशक (प्रशासन) के खिलाफ करखियांव औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों ने आरपार की लड़ाई छेड़ दी है। औद्योगिक क्षेत्र के सभी उद्यमी शनिवार को रामनगर स्थित एक रेस्टोरेंट में एकजुट हुए और मंडी उपनिदेशक के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि मंडी शुल्क की आड़ में उद्यमियों का उत्पीड़न नहीं रुका तो सभी उद्यमी फैक्ट्रियां बंद कर मंडी उपनिदेशक को चाबी सौंप देंगे और आंदोलन करेंगे।
बैठक में एग्रो पार्क इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि इंडस्ट्री में 25 से 30 फैक्ट्रियां पिछले कई सालों से कार्यरत हैं। औद्योगिक क्षेत्र में जब से फैक्ट्रियां चल रही हैं तब से किसी भी उद्यमी ने मंडी शुल्क का भुगतान नहीं किया है। इधर, बीच प्रतिदिन मंडी समिति के उपनिदेशक हिमांशु शेखर त्रिपाठी वर्किंग ऑवर के बाद 10 से 15 बंदूकधारियों के साथ फैक्ट्रियों में घुसकर औचक निरीक्षण कर रहे हैं। कोई उद्यमी नहीं मिल रहा है तो कर्मचारियों से जबरन कागजातों पर दस्तखत कराकर डरा-धमका रहे हैं। मंडी शुल्क की आड़ में बेवजह उद्यमियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उद्यमियों ने कहा कि अब वह आरपार की लड़ाई के लिए बाध्य हैं। महामंत्री मनोज मद्धेशिया ने कहा कि कानूनी सलाहकारों से भी उद्यमियों ने सलाह ली। उद्यमियों पर मंडी शुल्क की देनदारी नहीं बनती है। इसके बाद भी मंडी उपनिदेशक जबरन शुल्क वसूल करने पर आमादा हैं। उद्यमियों ने कहा कि इस समस्या की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे। बैठक में आनंद जायसवाल, संतोष जायसवाल, राजेश सिंह, अजीत सिंह बग्गा, प्रमोद अग्रहरी, देव भट्टाचार्य समेत कई उद्यमी व व्यापारी मौजूद रहे।
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बैठक में एग्रो पार्क इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि इंडस्ट्री में 25 से 30 फैक्ट्रियां पिछले कई सालों से कार्यरत हैं। औद्योगिक क्षेत्र में जब से फैक्ट्रियां चल रही हैं तब से किसी भी उद्यमी ने मंडी शुल्क का भुगतान नहीं किया है। इधर, बीच प्रतिदिन मंडी समिति के उपनिदेशक हिमांशु शेखर त्रिपाठी वर्किंग ऑवर के बाद 10 से 15 बंदूकधारियों के साथ फैक्ट्रियों में घुसकर औचक निरीक्षण कर रहे हैं। कोई उद्यमी नहीं मिल रहा है तो कर्मचारियों से जबरन कागजातों पर दस्तखत कराकर डरा-धमका रहे हैं। मंडी शुल्क की आड़ में बेवजह उद्यमियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उद्यमियों ने कहा कि अब वह आरपार की लड़ाई के लिए बाध्य हैं। महामंत्री मनोज मद्धेशिया ने कहा कि कानूनी सलाहकारों से भी उद्यमियों ने सलाह ली। उद्यमियों पर मंडी शुल्क की देनदारी नहीं बनती है। इसके बाद भी मंडी उपनिदेशक जबरन शुल्क वसूल करने पर आमादा हैं। उद्यमियों ने कहा कि इस समस्या की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे। बैठक में आनंद जायसवाल, संतोष जायसवाल, राजेश सिंह, अजीत सिंह बग्गा, प्रमोद अग्रहरी, देव भट्टाचार्य समेत कई उद्यमी व व्यापारी मौजूद रहे।
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