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डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ने पर अस्पताल से कर दिया बाहर
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वाराणसी। निजी हॉस्पिटलों की मनमानी और धन उगाही का मामला अकसर सामने आता रहता है। सोमवार की रात ऐसा ही एक मामला जैतपुरा थाना के निजी हॉस्पिटल में देखने को मिला। हॉस्पिटल में बड़ी बाजार निवासी असगर अली की पत्नी फरजाना बेगम ने बीते शनिवार को ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से फ रजाना बेगम की हालत बिगड़ती गई। जिसपर अस्पताल कर्मियों ने सादे कागज पर कुछ निजी हॉस्पिटलों का नाम लिख कर प्रसूति और बच्चे को हॉस्पिटल से बाहर कर दिया।
महिला और उसके बच्चे को लेकर परिजन पहले निजी हॉस्पिटल गए फिर कबीरचौरा अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई। परिजन फि र से महिला को लेकर सोमवार की रात उपकार हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान डॉक्टर ने इलाज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला के परिजन आनन फानन में उसे लेकर बीएचयू गए। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले अस्पताल के डॉ. ए.के. जायसवाल ने इलाज के नाम पर 20 हजार जमा करवा लिया था। मरीज को रेफ र करने के दौरान जब परिजनों ने अस्पताल से संबंधित कागजात मांगे तो अस्पताल कर्मियों ने केवल उन्हें सादा कागज थमा कर हॉस्पिटल से बाहर कर दिया। इधर, फ रजाना की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर भदऊ चुंगी निवासी उसके माता-पिता के साथ मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और अस्पताल के बाहर हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पुलिस पहुंची। आरोप है कि पुलिस डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों की बात सुनने के बाद परिजनों को वापस जाने की बात कह कर मौके से चलती बनी। बीएचयू हॉस्पिटल में फरजाना की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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महिला और उसके बच्चे को लेकर परिजन पहले निजी हॉस्पिटल गए फिर कबीरचौरा अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई। परिजन फि र से महिला को लेकर सोमवार की रात उपकार हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान डॉक्टर ने इलाज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला के परिजन आनन फानन में उसे लेकर बीएचयू गए। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले अस्पताल के डॉ. ए.के. जायसवाल ने इलाज के नाम पर 20 हजार जमा करवा लिया था। मरीज को रेफ र करने के दौरान जब परिजनों ने अस्पताल से संबंधित कागजात मांगे तो अस्पताल कर्मियों ने केवल उन्हें सादा कागज थमा कर हॉस्पिटल से बाहर कर दिया। इधर, फ रजाना की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर भदऊ चुंगी निवासी उसके माता-पिता के साथ मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और अस्पताल के बाहर हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पुलिस पहुंची। आरोप है कि पुलिस डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों की बात सुनने के बाद परिजनों को वापस जाने की बात कह कर मौके से चलती बनी। बीएचयू हॉस्पिटल में फरजाना की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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