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तीन दिन से 100 गांवों की बिजली गुल
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:16 AM IST
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सीतामढ़ी। सेमराध और सीतामढ़ी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों की बिजली तीन दिन से गुल है। शनिवार की रात तेज आंधी और बारिश के बाद से मेन लाइन में आईं गड़बड़ियों को सोमवार शाम तक कर्मचारी दुरुस्त नहीं कर सके। इसके चलते इन गांवों की डेढ़ लाख से अधिक की आबादी बिजली-पानी के संकट से जूझ रही है। लोगों के मोबाइल और इनवर्टर भी डिस्चार्ज हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो सका।
सीतामढ़ी और सेमराध उपकेंद्रों से तकरीबन 100 गांवों की बिजली आपूर्ति की जाती है। शनिवार की रात आई तेज आंधी की वजह से बिजली व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई थी। तार-पोल टूटने के कारण दोनों उपकेंद्रों से जुड़े गांवों की आपूर्ति ठप हो गई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर सीतामढ़ी उपकेंद्र के कर्मचारियों ने रविवार को फॉल्ट दुरुस्त कर लिया था। इसके बाद शाम 4:30 बजे बारीपुर फीडर आपूर्ति चालू करते समय विस्फोट हो गया था। इससे जहां एसएसओ सत्य नारायण यादव गंभीर रूप से झुलस गया था, वहीं बिजली आपूर्ति फिर बाधित हो गई थी। सोमवार को भी यहां से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। वहीं, सेमराध उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन में आए फाल्ट को अभी तक कर्मचारी दुरुस्त नहीं कर सके। इससे छेछुआ से लेकर सेमराध तक 25 किलोमीटर के दायरे में स्थित करीब 100 गांवों की डेढ़ लाख से अधिक की आबादी तीन दिन से अंधेरे में है। पेयजल की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। लोगों के इन्वर्टर और मोबाइल के जवाब देने से संचार व्यवस्था भी लड़खड़ा गई है।
सीतामढ़ी उपकेंद्र से जुड़े बनकट, नारेपार, जैगहा, चकिया, अरई, खेमापुर, इटहरा, कूड़ीकला, कूड़ी खुर्द, शेरपुर, मवैयाथान चिसंह, भदरांव, बहपुरा, धनतुलसी, कलातुलसी, बसगोती मवैया, कलिक मवैया, भुर्रा, छेछुआ, गोलखरा, बारीपुर, कुड़वा, मनोहर पुर, मझगवां, भावापुर, खरगापुर आदि गांवों की बिजली गुुल है। इस उपकेंद्र से जुड़े सीएचसी डीघ और प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र कटरा, थाना कोइरौना और सीतामढ़ी मंदिर की आपूर्ति भी ठप है।
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इसी तरह सेमराध उपकेंद्र से जुड़े सेमराध, इनारगांव, नगरदह, मठिया, सोनपुर, डुहिया, दानीपट्टी, टलिया, गोपालपुर, जगदीशपुर, बदरी, इब्राहिमपुर आदि गांवों में बिजली गुल है। यही नहीं, पीएचसी सेमराध और ऐतिहासिक सेमराधनाथ धाम भी अंधेरे में है। इससे ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि तीन दिन से लोग संकट झेल रहे हैं और हादसे में एक एसएसओ झुलस भी गया, लेकिन अधिकारियों को कोई फिक्र नहीं है। इस संबंध में एक्सईएन से बात करने के लिए कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी नंबर स्विच ऑफ रहा था।
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सीतामढ़ी और सेमराध उपकेंद्रों से तकरीबन 100 गांवों की बिजली आपूर्ति की जाती है। शनिवार की रात आई तेज आंधी की वजह से बिजली व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई थी। तार-पोल टूटने के कारण दोनों उपकेंद्रों से जुड़े गांवों की आपूर्ति ठप हो गई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर सीतामढ़ी उपकेंद्र के कर्मचारियों ने रविवार को फॉल्ट दुरुस्त कर लिया था। इसके बाद शाम 4:30 बजे बारीपुर फीडर आपूर्ति चालू करते समय विस्फोट हो गया था। इससे जहां एसएसओ सत्य नारायण यादव गंभीर रूप से झुलस गया था, वहीं बिजली आपूर्ति फिर बाधित हो गई थी। सोमवार को भी यहां से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। वहीं, सेमराध उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन में आए फाल्ट को अभी तक कर्मचारी दुरुस्त नहीं कर सके। इससे छेछुआ से लेकर सेमराध तक 25 किलोमीटर के दायरे में स्थित करीब 100 गांवों की डेढ़ लाख से अधिक की आबादी तीन दिन से अंधेरे में है। पेयजल की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। लोगों के इन्वर्टर और मोबाइल के जवाब देने से संचार व्यवस्था भी लड़खड़ा गई है।
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सीतामढ़ी उपकेंद्र से जुड़े बनकट, नारेपार, जैगहा, चकिया, अरई, खेमापुर, इटहरा, कूड़ीकला, कूड़ी खुर्द, शेरपुर, मवैयाथान चिसंह, भदरांव, बहपुरा, धनतुलसी, कलातुलसी, बसगोती मवैया, कलिक मवैया, भुर्रा, छेछुआ, गोलखरा, बारीपुर, कुड़वा, मनोहर पुर, मझगवां, भावापुर, खरगापुर आदि गांवों की बिजली गुुल है। इस उपकेंद्र से जुड़े सीएचसी डीघ और प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र कटरा, थाना कोइरौना और सीतामढ़ी मंदिर की आपूर्ति भी ठप है।
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इसी तरह सेमराध उपकेंद्र से जुड़े सेमराध, इनारगांव, नगरदह, मठिया, सोनपुर, डुहिया, दानीपट्टी, टलिया, गोपालपुर, जगदीशपुर, बदरी, इब्राहिमपुर आदि गांवों में बिजली गुल है। यही नहीं, पीएचसी सेमराध और ऐतिहासिक सेमराधनाथ धाम भी अंधेरे में है। इससे ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि तीन दिन से लोग संकट झेल रहे हैं और हादसे में एक एसएसओ झुलस भी गया, लेकिन अधिकारियों को कोई फिक्र नहीं है। इस संबंध में एक्सईएन से बात करने के लिए कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी नंबर स्विच ऑफ रहा था।