फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   जर्जर तारों ने बढ़ाई किसानों की चिंता

जर्जर तारों ने बढ़ाई किसानों की चिंता

Wed, 14 Mar 2018 01:24 AM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
जर्जर तारों ने बढ़ाई किसानों की चिंता
ज्ञानपुर। ग्रामीण इलाकों की बस्तियों और खेतों के ऊपर से गुजरे बिजली के जर्जर तार जगह-जगह लटक रहे हैं। गर्मी शुरू होते ही तारों की वजह से अगलगी की घटनाओं को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है। बिजली विभाग की लापरवाही से किसानों की गाढ़ी कमाई पर पानी फिर सकता है। खेतों से होकर गुजरे तारों से निकलने वाली चिंगारी पल भर में फसल को नष्ट कर देगी। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।
विज्ञापन

गर्मी में लू के थपेड़ों से जर्जर तार आपस में टकरा जाते हैं, जिससे निकलने वाली चिंगारी आग का गोला बन जाती है। ग्रामीण अंचलों में गेहूं और अरहर के खेत के ऊपर से गुजरे तारों से हर साल सैकड़ों बीघे की फसल चिंगारी की भेंट चढ़ जाती है। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 2016 में करीब 400 एकड़ गेहूं और अरहर की फसल तो 2017 में 150 एकड़ फसल आग से जलकर नष्ट हो गई थी। जिन-जिन खेतों के ऊपर से जर्जर तार गुजरे हैं, उन्हें हटाने के लिए ग्रामीणों ने बिजली विभाग को पत्र भेजा था, लेकिन एक साल का समय गुजरने के बाद भी उन तारों को ठीक नहीं किया गया। इससे एक बार फिर किसान चिंतित हो गए हैं। 2017 में जगन्नाथपुर के किसान राम जियावन तिवारी का 10 बीघा गेहूं जल गया था। इसी तरह सुरियावां के कुसौड़ा में गप्पू सिंह की 15 बीघे की खड़ी फसल जल गई थी। अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने कहा कि पूर्व में कुछ शिकायतें मिली थीं, जिसे सही करा दिया गया है। किसान अगर शिकायत करेंगे तो तारों को ठीक कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed