फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   हल्दी के रिकॉर्ड उत्पादन ने बढ़ाया उत्साह

हल्दी के रिकॉर्ड उत्पादन ने बढ़ाया उत्साह

Mon, 19 Feb 2018 01:20 AM IST
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
हल्दी के रिकॉर्ड उत्पादन ने बढ़ाया उत्साह
ज्ञानपु्र। जैविक खाद का उपयोग कर उल्लेखनीय उपज की एक बानगी सामने आई है। भदोही विकास खंड के डीघ कोइरान परसीपुर गांव निवासी किसान शारदा प्रसाद मौर्य ने जैविक खाद का प्रयोग कर हल्दी की रिकार्ड उपज की है। मात्र एक विश्वा जमीन में चार क्विंटल हल्दी पैदा कर उन्होंने न सिर्फ लोगों को अचंभे में डाल दिया है, बल्कि अन्य किसानों के लिए नजीर भी बन गए हैं। उनके खेत में पैदा हुई एक-एक हल्दी का वजन 250 ग्राम से लेकर 300 ग्राम तक है। एक पौधे में चार-चार वजनदार हल्दी (तकरीबन आठ से नौ इंच लंबी) को देखकर लोग हैरान हैं।
विज्ञापन

किसान शारदा प्रसाद मौर्य ने औद्यानिक मिशन योजना के तहत चार वर्ष पूर्व उद्यान विभाग ज्ञानपुर से हल्दी का बीज राजेंद्र मोनिया लिया था। फसल बोने के बाद वह रासायनिक खाद का प्रयोग करते थे। इससे उत्पादन कम होता था। इस बार उन्होंने जैविक खाद का प्रयोग किया। इस खाद के प्रयोग से उत्पादन काफी बढ़ गया। एक विस्वा में बोई गई हल्दी की फसल का उत्पादन चार क्विंटल हुआ। हल्दी के एक पौधे में चार-चार हल्दियां लगीं। सभी का वजन 250 ग्राम से अधिक रहा। कुछ का वजन तो 300 से 400 ग्राम रहा। किसान ने बताया कि इस बार उन्होंने जैविक खाद का प्रयोग किया था। कहा कि जैविक खाद बनाने के लिए गाय का गोबर, मूत्र, बेसन को इकट्ठा कर 200 लीटर पानी में मिलाकर 15 दिन तक उसको सड़ाया। इसके बाद जैविक खाद तैयार हो गई। खाद तैयार होने के बाद हल्दी के पौधों की जड़ में खाद डाली। पहले 50 से 100 ग्राम की हल्दी पैदा होती थी। जैविक खाद के चलते 250 से 300 ग्राम की हल्दी इस बार तैयार हुई है। उत्साहित किसान ने कहा कि अब वह व्यापक पैमाने पर हल्दी की खेती करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed