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गैर इरादतन हत्या में मां-बेटी को सजा
Updated Fri, 09 Feb 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) ने मृदुल कुमार मिश्र की अदालत ने गुरुवार को ढाई वर्ष पुराने एक मामले की सुनवाई करते हुए मां-बेटी को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
गोपीगंज थाना क्षेत्र के कसिदहां गांव निवासी सूरज कुमार ने न्यायालय में वाद दाखिल कर कहा था कि 28 जुलाई 2015 को उसके पिता लालता प्रसाद मवेशी चरा रहे थे। इस दौरान खेत में भैंस चली जाने पर क्रोध में आकर गांव की ही कुमारी ममता और उसकी मां प्रेमा देवी ने रॉड से सिर पर हमला कर मेरे पिता को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वादी की तहरीर पर गोपीगंज थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था। मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक मृदुल कुमार मिश्र ने अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों को सुनने और गवाहों के बयान के आधार पर मां-बेटी को गैर इदादतन हत्या का दोषी पाया। दोनों पर पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने बहस की।
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गोपीगंज थाना क्षेत्र के कसिदहां गांव निवासी सूरज कुमार ने न्यायालय में वाद दाखिल कर कहा था कि 28 जुलाई 2015 को उसके पिता लालता प्रसाद मवेशी चरा रहे थे। इस दौरान खेत में भैंस चली जाने पर क्रोध में आकर गांव की ही कुमारी ममता और उसकी मां प्रेमा देवी ने रॉड से सिर पर हमला कर मेरे पिता को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वादी की तहरीर पर गोपीगंज थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था। मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक मृदुल कुमार मिश्र ने अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों को सुनने और गवाहों के बयान के आधार पर मां-बेटी को गैर इदादतन हत्या का दोषी पाया। दोनों पर पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने बहस की।
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