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भारतीय संस्कृति को जानने बीएचयू पहुंचा अमेरिकी दल
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:13 AM IST
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वाराणसी। अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के विद्यार्थियों का दल शुक्रवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंचा। विद्यार्थियों को प्रारंभिक हिंदी का ज्ञान देने वाली संस्था हिंदी-यूएसए के सौजन्य से 14 विद्यार्थियों और दो शिक्षकों प्रो. सरिता नेमाणी और सुनील दुबे भारत भ्रमण पर आए हैं। भ्रमण के दौरान ही शुक्रवार को इस दल ने बीएचयू का दौरा किया। मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में आयोजित संवाद कार्यक्रम में ये दल यहां के प्रोफेसरों व विद्यार्थियाें से रूबरू हुआ।
दल का नेतृत्व कर रहीं प्रो. सरिता नेमाणी ने अपने भारत यात्रा के उद्देश्यों को साझा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति को और करीब से जानने के लिए ये दल भारत यात्रा पर आया है। भारत यात्रा के दौरान हिंदी ही नहीं बल्कि विद्यार्थी यहां की संस्कृति से भी रूबरू हो रहे हैं। सुनील दुबे ने बताया कि हिंदी-यूएसए संस्था का उद्देश्य है कि भारतीय मूल के विद्यार्थी अपने संस्कारों की जन्मभूमि से जुड़े रहें। अपनी भाषा संस्कृति की ऊर्जा को महसूस करें और भारत से उनका संबंध भी अटूट बना रहे। केंद्र के उप समन्वयक प्रो. माया शंकर पांडेय ने दल के सदस्यों का स्वागत किया। प्रो. राकेश पांडेय ने उन्हें भारतीय संस्कृति व बीएचयू और महामना के महत्वपूर्ण पक्षों से परिचित कराया। इस दौरान प्रो. धर्म जंग, डॉ. राजीव कुमार वर्मा, दल के भारतीय समन्वयक भाष्कर चेतिया व सुमित श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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दल का नेतृत्व कर रहीं प्रो. सरिता नेमाणी ने अपने भारत यात्रा के उद्देश्यों को साझा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति को और करीब से जानने के लिए ये दल भारत यात्रा पर आया है। भारत यात्रा के दौरान हिंदी ही नहीं बल्कि विद्यार्थी यहां की संस्कृति से भी रूबरू हो रहे हैं। सुनील दुबे ने बताया कि हिंदी-यूएसए संस्था का उद्देश्य है कि भारतीय मूल के विद्यार्थी अपने संस्कारों की जन्मभूमि से जुड़े रहें। अपनी भाषा संस्कृति की ऊर्जा को महसूस करें और भारत से उनका संबंध भी अटूट बना रहे। केंद्र के उप समन्वयक प्रो. माया शंकर पांडेय ने दल के सदस्यों का स्वागत किया। प्रो. राकेश पांडेय ने उन्हें भारतीय संस्कृति व बीएचयू और महामना के महत्वपूर्ण पक्षों से परिचित कराया। इस दौरान प्रो. धर्म जंग, डॉ. राजीव कुमार वर्मा, दल के भारतीय समन्वयक भाष्कर चेतिया व सुमित श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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