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Varanasi News: 86 करोड़ से सुधरेंगी 11 ग्रामीण सड़कें, बजट अवमुक्त
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ज्ञानपुर। जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाइ) की सड़कों की स्थिति सुधरने वाली है। शासन ने इसके निर्माण के लिए स्वीकृति देते हुए करीब 86 करोड़ रुपये अवमुक्त किए हैं। विभाग अब छह ब्लॉकों में सर्वे कराकर बदहाल 11 मार्गाें की मरम्मत कराएगा। इसके लिए मार्च से अप्रैल तक निविदाएं प्रकाशित की जाएंगी। जिससे सालों से बदहाल सड़कों को बेहतर होने की उम्मीद भी जग गई है।
जिले में करीब ढाई हजार किमी सड़कों का जाल है। जिसकी निगरानी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण, ग्रामीण अभियंत्रण और जिला पंचायत की ओर से की जाती है। फोरलेन-सिक्सलेन एनएचआई बनवाती है जबकि अन्य मार्ग लोक निर्माण सहित अन्य संस्थाएं बनवाती है। सांसद, विधायक, पूर्वांचल विकास निधि संग त्वरित आर्थिक योजना से भी सड़कों और इंटरलाकिंग का कार्य होता है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में तीन से पांच किमी लंबी पीएमजीएसवाई की अधिकतर सड़कें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बनवाता है। पीएमजीएसवाई की सड़कें सालों से खराब पड़ी हैं। प्रस्तावित मार्गाें के लिए बजट न मिलने से उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही थी। साल 2022 और 2023 में आरईएस की तरफ से प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसको अब जाकर स्वीकृति मिली है। यह सड़कें ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसील में स्थित हैं। अधिशासी अभियंता आरईएस शिव प्रकाश पांडेय ने बताया कि पीएमजीएसवाई में 2021 के बाद बजट स्वीकृत हुआ है। 11 सड़कों के नवीनीकरण के लिए करीब 86 करोड़ रूपये मिले हैं। सहायक एवं अवर अभियंताओ की टीम लगाकर सर्वे कराया जाएगा। खराब सड़कों को चिन्हित कर उसकी मरम्मत होगी।
इनसेट
सड़क पर गड्ढे, राह चलना मुश्किल
चौरी। बाज़ार का स्टेशन रोड मरम्मत के आभाव में जर्जर हो चुका है। जगह- जगह बन गए गड्ढे राहगीरो को कठिनाई दे रहे है। आए दिन दर्घटना भी हो रही है फिर जिम्मेदार इस पर ध्यान नही दे रहे है। मुख्य तिराहा से परसीपुर रेलवे फाटक तक 2017 में सांसद रहे वीरेंद्र सिंह ने इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया था । निर्माण के बाद राहगीरो को काफी राहत थी लेकिन जल्द ही इंटरलॉकिंग सड़क ईट उखड़ने लगी। अब हालात यह है कि 500 मीटर के इस इंटरलॉकिंग सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे बन गए है । 500 मीटर के इस जर्जर इंटरलॉकिंग सड़क के दायरे में रेलवे स्टेशन, पुलिस चौकी, बैंक, अस्पताल, मैरिज लान, दो स्कूल और दो काॅलेज के अलावा बड़े बड़े प्रतिष्ठान है। जिससे पूरे दिन राहगीरो की इस मार्ग पर भीड़ रहती है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष तारकनाथ गुप्ता, प्रेमचंद मोदनवाल, महेंद्र यादव, राजबली पटेल ने मार्ग के मरम्मत की मांग अधिकारियों से की।
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जिले में करीब ढाई हजार किमी सड़कों का जाल है। जिसकी निगरानी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण, ग्रामीण अभियंत्रण और जिला पंचायत की ओर से की जाती है। फोरलेन-सिक्सलेन एनएचआई बनवाती है जबकि अन्य मार्ग लोक निर्माण सहित अन्य संस्थाएं बनवाती है। सांसद, विधायक, पूर्वांचल विकास निधि संग त्वरित आर्थिक योजना से भी सड़कों और इंटरलाकिंग का कार्य होता है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में तीन से पांच किमी लंबी पीएमजीएसवाई की अधिकतर सड़कें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बनवाता है। पीएमजीएसवाई की सड़कें सालों से खराब पड़ी हैं। प्रस्तावित मार्गाें के लिए बजट न मिलने से उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही थी। साल 2022 और 2023 में आरईएस की तरफ से प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसको अब जाकर स्वीकृति मिली है। यह सड़कें ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसील में स्थित हैं। अधिशासी अभियंता आरईएस शिव प्रकाश पांडेय ने बताया कि पीएमजीएसवाई में 2021 के बाद बजट स्वीकृत हुआ है। 11 सड़कों के नवीनीकरण के लिए करीब 86 करोड़ रूपये मिले हैं। सहायक एवं अवर अभियंताओ की टीम लगाकर सर्वे कराया जाएगा। खराब सड़कों को चिन्हित कर उसकी मरम्मत होगी।
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सड़क पर गड्ढे, राह चलना मुश्किल
चौरी। बाज़ार का स्टेशन रोड मरम्मत के आभाव में जर्जर हो चुका है। जगह- जगह बन गए गड्ढे राहगीरो को कठिनाई दे रहे है। आए दिन दर्घटना भी हो रही है फिर जिम्मेदार इस पर ध्यान नही दे रहे है। मुख्य तिराहा से परसीपुर रेलवे फाटक तक 2017 में सांसद रहे वीरेंद्र सिंह ने इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया था । निर्माण के बाद राहगीरो को काफी राहत थी लेकिन जल्द ही इंटरलॉकिंग सड़क ईट उखड़ने लगी। अब हालात यह है कि 500 मीटर के इस इंटरलॉकिंग सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे बन गए है । 500 मीटर के इस जर्जर इंटरलॉकिंग सड़क के दायरे में रेलवे स्टेशन, पुलिस चौकी, बैंक, अस्पताल, मैरिज लान, दो स्कूल और दो काॅलेज के अलावा बड़े बड़े प्रतिष्ठान है। जिससे पूरे दिन राहगीरो की इस मार्ग पर भीड़ रहती है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष तारकनाथ गुप्ता, प्रेमचंद मोदनवाल, महेंद्र यादव, राजबली पटेल ने मार्ग के मरम्मत की मांग अधिकारियों से की।
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