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कमरे में मोबाइल लेकर पहुंचे परीक्षक, जांची कॉपियां
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वाराणसी। यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन रविवार से शुरू तो हो गया, लेकिन पहले दिन केंद्रों पर डीएचई (डिप्टी हेड एक्जामनर) के न पहुंचने की वजह से परीक्षकों को इंतजार करना पड़ा। कुछ केंद्रों पर दोपहर बाद किसी तरह डीएचई पहुंचे भी तो पूरी कॉपियों नहीं जांची जा सकीं। उधर कॉपी जांच रहे कई परीक्षक कमरे के भीतर मोबाइल के साथ दिखे जबकि मोबाइल लेकर अंदर जाने पर रोक का आदेश पहले ही जारी हुआ था।
जिले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की करीब आठ लाख कॉपियों के मूल्यांकन के लिए राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज, प्रभु नारायण इंटर कॉलेज और महाबोधि इंटर कॉलेज सारनाथ में केंद्र बनाया गया है। करीब बीस दिन तक चलने वाले मूल्यांकन के लिए यहां आठ लाख कापियां आई हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आठ मार्च से मूल्यांकन की तिथि घोषित की गई थी, लेकिन शिक्षकों के मूल्यांकन बहिष्कार की वजह से आठ-नौ मार्च को कॉपियां नहीं जांची जा सकीं। शनिवार को लखनऊ में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के साथ बैठक के बाद शिक्षक नेताओं ने बहिष्कार का फैसला वापस लिया, जिसके बाद रविवार से मूल्यांकन शुरू हुआ। सुबह परीक्षक अपने निर्धारित केंद्रों पर पहुंचे लेकिन डीएचई की संख्या बहुत कम रही। इसके अलावा कुछ जगहों पर परीक्षक भी नहीं पहुंच सके। इस वजह से मूल्यांकन प्रभावित भी रहा।
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जिले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की करीब आठ लाख कॉपियों के मूल्यांकन के लिए राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज, प्रभु नारायण इंटर कॉलेज और महाबोधि इंटर कॉलेज सारनाथ में केंद्र बनाया गया है। करीब बीस दिन तक चलने वाले मूल्यांकन के लिए यहां आठ लाख कापियां आई हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आठ मार्च से मूल्यांकन की तिथि घोषित की गई थी, लेकिन शिक्षकों के मूल्यांकन बहिष्कार की वजह से आठ-नौ मार्च को कॉपियां नहीं जांची जा सकीं। शनिवार को लखनऊ में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के साथ बैठक के बाद शिक्षक नेताओं ने बहिष्कार का फैसला वापस लिया, जिसके बाद रविवार से मूल्यांकन शुरू हुआ। सुबह परीक्षक अपने निर्धारित केंद्रों पर पहुंचे लेकिन डीएचई की संख्या बहुत कम रही। इसके अलावा कुछ जगहों पर परीक्षक भी नहीं पहुंच सके। इस वजह से मूल्यांकन प्रभावित भी रहा।
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